खरसिया :- विकासखंड खरसिया की ग्राम पंचायत पतरापाली में बारिश ने पंचायत के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। गांव की एक प्रमुख गली इन दिनों जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब चार-पांच वर्ष पहले इस गली में सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क बनने के बाद अब तक जल निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में बारिश होते ही पानी सड़क पर जमा हो जाता है और कुछ ही देर में पूरी गली कीचड़ में तब्दील हो जाती है।

सड़क निर्माण के बाद भी जल निकासी का इंतजाम नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय यदि जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाती तो आज यह समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी नाली का निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर ही ठहर जाता है। लगातार पानी और कीचड़ जमा रहने से सड़क की हालत भी खराब होने लगी है।
बारिश के दिनों में हालात इस कदर बिगड़ जाते हैं कि लोगों को गली से पैदल गुजरने में भी परेशानी होती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने का खतरा बना रहता है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
जलभराव की सबसे अधिक मार स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल जाने के दौरान कीचड़ भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार कपड़े खराब होने और फिसलकर गिरने की आशंका बनी रहती है। बुजुर्गों के लिए तो यह रास्ता और भी जोखिम भरा हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गली में लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों और गंदगी की समस्या भी बढ़ सकती है। यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में सड़क भी क्षतिग्रस्त हो सकती है और पंचायत को दोबारा सड़क निर्माण पर राशि खर्च करनी पड़ सकती है।
चार-पांच साल में भी नाली नहीं बनी, उठ रहे कई सवाल
ग्रामीण अब ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों से कई सवाल पूछ रहे हैं। उनका कहना है कि जब सड़क निर्माण के लिए योजना बनाई गई थी, तब जल निकासी की जरूरत पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? यदि नाली निर्माण आवश्यक था तो इतने वर्षों बाद भी इसे पूरा क्यों नहीं कराया गया?
ग्रामीणों के सवाल हैं—
- क्या पंचायत में नाली निर्माण के लिए राशि का प्रावधान नहीं है?
- यदि राशि उपलब्ध होती है तो उसका उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा है?
- सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
- पंचायत के विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण और भौतिक सत्यापन होता है या नहीं?
- यदि निरीक्षण होता है तो वर्षों से बनी यह समस्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आई?
- पिछले वर्षों में सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई और कितना भुगतान किया गया?
विकास के दावों पर जमीनी तस्वीर खड़े कर रही सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत होने की जानकारी अक्सर सामने आती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को अब भी परेशान होना पड़ रहा है। सड़क का निर्माण हो जाने के बावजूद यदि बरसात में उसी सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाए तो निर्माण की उपयोगिता और उसकी योजना पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करें। साथ ही नाली निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
ग्रामीणों ने मांगी विकास कार्यों की जांच
ग्रामीणों ने पिछले चार-पांच वर्षों में पतरापाली में सड़क, नाली और अन्य विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि, कार्यादेश, भुगतान तथा कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी कार्य के लिए राशि स्वीकृत हुई है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को भी पता चल सके कि उनके गांव के विकास के लिए कितनी राशि आई और उसका उपयोग किस काम में किया गया।
फिलहाल बारिश के बीच पतरापाली की यह गली ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अब नजर इस बात पर है कि सरपंच-सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान के लिए धरातल पर कब कार्रवाई शुरू होती है।

