खरसिया :- किशोरियों में मासिक धर्म एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एकेडमिक ब्राइट पब्लिक स्कूल, रजघट्टा में भारत स्काउट एंड गाइड छत्तीसगढ़ एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management-MHM) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों से बाहर निकालते हुए उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं आत्मसम्मान के प्रति जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्य आयुक्त अरुण कातोरे, जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त (स्काउट) श्यामानंद साहू तथा सहायक जिला आयुक्त (स्काउट) संजय कुमार पटेल एवं एल.एन. पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर जिला सचिव विकास कुमार तिवारी, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) रामाधार चौधरी, रेंजर लीडर क्रेसेन्सिया कुजूर, विकासखंड सचिव दीपक कुमार रात्रे, रोवर लीडर अरुण कुमार चौहान, प्राची साहू, विद्यालय के प्राचार्य रवि मेहर सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला सचिव विकास कुमार तिवारी ने अतिथियों के परिचय एवं स्काउट-गाइड संगठन की गतिविधियों की जानकारी देकर की। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग केवल अनुशासन और सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जागरूकता फैलाने का सशक्त मंच भी है।
इसके बाद जिला संगठन आयुक्त रामाधार चौधरी ने मासिक धर्म से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों एवं स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में मासिक धर्म को लेकर अनेक भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे समाज में यह संदेश फैलाएं कि मासिक धर्म कोई अभिशाप नहीं, बल्कि प्रकृति की एक सामान्य और सम्मानजनक प्रक्रिया है। इस दौरान महिलाओं और किशोरियों के प्रति भेदभाव नहीं, बल्कि सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता का व्यवहार अपनाना चाहिए।
कार्यशाला में सहायक जिला आयुक्त संजय कुमार पटेल ने मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाए तो प्रजनन तंत्र एवं मूत्र मार्ग में संक्रमण जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आगे चलकर यह समस्याएं बांझपन एवं गर्भधारण संबंधी जटिलताओं का कारण भी बन सकती हैं।
उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई बनाए रखें, समय-समय पर सैनिटरी पैड बदलें, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। उन्होंने कहा कि पीरियड महिलाओं के जीवन की एक प्राकृतिक एवं महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है, जिसके कारण ही नया जीवन संभव हो पाता है। इसलिए इसे शर्म या संकोच का विषय नहीं, बल्कि सम्मान और जागरूकता के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।
संजय पटेल ने किशोरावस्था को जीवन का महत्वपूर्ण चरण बताते हुए कहा कि इस समय शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। सही जानकारी, संतुलित आहार, नियमित स्वच्छता और सकारात्मक सोच से किशोरियां स्वस्थ एवं आत्मविश्वासी जीवन जी सकती हैं।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने भी मासिक धर्म से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया गया। इससे छात्राओं में जागरूकता बढ़ी और उनके मन में मौजूद कई भ्रांतियां दूर हुईं।
कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार एवं भारत स्काउट गाइड जिला संघ रायगढ़ के सदस्य जयप्रकाश डनसेना भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं अंचल क्षेत्रों में किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर इस प्रकार की कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
अंत में विद्यालय परिवार ने भारत स्काउट एंड गाइड एवं यूनिसेफ की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को समाप्त कर प्रत्येक बालिका तक सही जानकारी पहुंचाई जाएगी, ताकि वे स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

