खरसिया :- तहसील के ग्राम पंचायत पतरापाली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2022-23 में लाखों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिस पर ज्यादा तर ताला लटका रहता है। निर्माण कार्य पूरा हुए वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन आज तक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप ग्रामवासी और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) से आने-जाने वाले लोग इस शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय बनने के बाद से ही यह उपयोग के अभाव में बंद पड़ा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि पंचायत सचिव और सरपंच को इस समस्या की पूरी जानकारी होने के बावजूद इसे चालू कराने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद यदि आम जनता को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है, तो यह संबंधित विभाग, पंचायत सचिव और सरपंच की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था कर शौचालय को उपयोगी नहीं बनाया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हैं या फिर सरकारी धन से बना यह सामुदायिक शौचालय यूँ ही बंद पड़ा रहकर भ्रष्ट व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता की मिसाल बना रहेगा।

