खरसिया :- विकासखंड के बरगढ़ में स्थित स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का गठन अब तक नहीं होने पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई।
अभिभावकों का दावा है कि 6 मई 2026 को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद राज्य शासन ने भी विद्यालय खुलने के एक माह के भीतर एसएमसी गठन के निर्देश जारी किए थे।
शासन के निर्देशों के बावजूद विद्यालय में अब तक नई समिति का गठन नहीं होने से आदेशों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
15 जुलाई की बैठक क्यों हुई रद्द?
अभिभावकों के अनुसार, उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से 15 जुलाई को एसएमसी गठन की बैठक की सूचना दी गई थी।
बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंचे, लेकिन मौके पर बैठक रद्द होने की जानकारी दी गई।
अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें बताया गया कि शिक्षा विकास खण्ड अधिकारी (बीईओ) के फोन पर प्राचार्य ने बैठक स्थगित की।
बैठक रद्द होने के कारणों को लेकर अभिभावकों ने पारदर्शी स्पष्टीकरण की मांग की है।
समिति नहीं बनने से क्या असर?
अभिभावकों का कहना है कि एसएमसी विद्यालय और अभिभावकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होती है।
समिति विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, भवन, फर्नीचर, बिजली, मध्यान्ह भोजन और विकास कार्यों की निगरानी करती है।
समिति के अभाव में विद्यालय की व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
अभिभावकों के प्रमुख सवाल
6 मई 2026 के शासन निर्देश के बावजूद एसएमसी का गठन अब तक क्यों नहीं हुआ?
15 जुलाई की बैठक किस प्रशासनिक कारण से रद्द की गई?
क्या बैठक स्थगित करने का कोई लिखित आदेश जारी किया गया था?
यदि आदेश था, तो अभिभावकों को पहले सूचना क्यों नहीं दी गई?
पुरानी समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई समिति का गठन कब होगा?
क्या शिक्षा विभाग पूरे मामले पर अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट करेगा?
प्रशासन से मांग
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
15 जुलाई की बैठक रद्द होने के कारण सार्वजनिक किए जाएं।
शासन के निर्देशों के अनुसार नई शाला प्रबंधन समिति का शीघ्र गठन कराया जाए।
यदि जांच में नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

