तीन माह के प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार के लिए होंगी तैयार महिलाएं
हेयर स्टाइलिंग से लेकर मेकअप, थ्रेडिंग और वैक्सिंग तक दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण
सिलाई प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से भी 120 से अधिक महिलाओं को मिल रहा कौशल विकास का अवसर
सिंघीतराई/सक्ती :- 7 जुलाई। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में वेदांता पावर लिमिटेड के सक्ती थर्मल प्लांट द्वारा संचालित ‘सखी परियोजना’ प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है। परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा की 30 महिलाओं को तीन माह का ब्यूटी एवं वेलनेस प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

वेदांता पावर द्वारा स्वयंसेवी संस्था ‘स्रोत’ के सहयोग से संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आधुनिक ब्यूटी एवं वेलनेस से जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को हेयर स्टाइलिंग, हेयर स्पा, मेकअप, फेशियल, ब्लीचिंग, थ्रेडिंग, वैक्सिंग सहित अन्य सौंदर्य सेवाओं की बारीकियां विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं अपना स्वयं का ब्यूटी पार्लर शुरू करने या इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में सक्षम होंगी।
प्रशिक्षु चंद्रकुमारी राठिया, पद्मा राठिया और विजया चौहान ने बताया कि यह प्रशिक्षण उनके जीवन में नया आत्मविश्वास लेकर आया है। पहले जहां रोजगार के अवसर सीमित थे, वहीं अब वे स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना देख रही हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण से मिली जानकारी और कौशल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने इस अवसर के लिए वेदांता पावर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा की पूर्व सरपंच नान कुंवर राठिया ने बताया कि गांव की महिलाओं में प्रशिक्षण को लेकर काफी उत्साह है। बड़ी संख्या में महिलाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं और नई-नई तकनीक सीखने में रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों से महिलाओं को गांव छोड़कर बाहर रोजगार की तलाश में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि वे अपने गांव में ही सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकेंगी।
वेदांता पावर की ‘सखी परियोजना’ केवल ब्यूटी एवं वेलनेस प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। परियोजना के तहत ग्राम पंचायत सिंघीतराई, निमोही और ओड़ेकेरा में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 120 महिलाओं को सिलाई एवं परिधान निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेकर अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
वेदांता पावर लिमिटेड का उद्देश्य अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत संचालित सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के गांवों के लोगों को कौशल विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। कंपनी का मानना है कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। यही कारण है कि ‘सखी परियोजना’ आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का सशक्त माध्यम बनती जा रही है।

