दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने पर जोर; पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर व्यवस्था बेहतर बनाने का लिया संकल्प
खरसिया :- आगामी धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस थाना खरसिया परिसर में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरसिया तहसील की 81 पंचायतों के सरपंच, बीडीसी, डीडीसी, ग्रामीण जनप्रतिनिधि, ग्राम कोटवार सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, डीजे एवं गम्मत के आयोजन में नियमों का पालन कराने तथा गांव-गांव में बिकने वाले नशीले पदार्थों पर रोक लगाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल के नेतृत्व में खरसिया परिसर में शांति समिति का बैठक हुए जिसमे थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव और छाया विधायक महेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। सभी ने धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय को आवश्यक बताया।

हर गांव में दुर्गा पूजा, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी : रविंद्र गवेल
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविंद्र गवेल ने कहा कि वर्तमान समय में लगभग हर गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। कहीं एक गाँव एक स्थान पर तो कहीं कई स्थानों पर माता रानी की स्थापना होती है। इन नौ दिनों में गांवों में धार्मिक उत्साह और उल्लास का वातावरण रहता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था तथा किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। इसके लिए पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
डीजे, गम्मत और असामाजिक तत्वों पर होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव
थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव ने बैठक में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे, गम्मत तथा अन्य कार्यक्रमों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। वहीं, माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने उपस्थित महिला एवं पुरुषों से अपील की कि वे अपने घर-परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। नशा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। यदि लोग नशे से दूर रहेंगे तो परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और गांव का वातावरण भी बेहतर होगा।
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या, विवाद या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर पुलिस को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई कर किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मां दुर्गा के आगमन से गांवों में रहता है उत्सव का माहौल : छाया विधायक महेश साहू
बैठक में छाया विधायक महेश साहू ने कहा कि नवरात्रि के दौरान प्रत्येक गांव में माता रानी की स्थापना और पूजा-अर्चना से धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे का वातावरण बनता है। नौ दिनों तक गांवों में खुशियों और उत्साह का माहौल रहता है तथा पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र और उल्लासपूर्ण वातावरण को खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। धार्मिक आयोजनों में किसी प्रकार का विवाद या अशांति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को जनप्रतिनिधियों की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
गांव-गांव में बिक रहे नशीले पदार्थों पर कार्रवाई की उठी मांग
बैठक में शामिल ग्रामीणों ने गांवों में बिकने वाले नशीले पदार्थों को लेकर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना था कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से परिवारों और सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए गांव-गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी की जाए और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण होने से युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकने, पारिवारिक विवाद कम करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी।
81 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने खुलकर रखीं अपनी समस्याएं और सुझाव
इस शांति समिति की बैठक की खास बात यह रही कि खरसिया तहसील की 81 पंचायतों से जुड़े ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सरपंचों, बीडीसी, डीडीसी, ग्राम कोटवारों तथा अन्य ग्रामीणों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आवश्यक सुझावों को खुलकर सामने रखा।
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था मजबूत करने, धार्मिक आयोजनों के दौरान सतर्कता बरतने, नशाखोरी पर अंकुश लगाने तथा पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति और उनकी सक्रिय भागीदारी से यह संदेश सामने आया कि क्षेत्र के लोग शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जागरूक हैं तथा प्रशासन के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
पुलिस-जनता के समन्वय से शांतिपूर्ण आयोजनों की उम्मीद
खरसिया थाना परिसर में आयोजित यह बैठक धार्मिक आयोजनों के दौरान बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारे को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक से यह अपेक्षा जताई गई कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय, नशे के विरुद्ध जागरूकता तथा असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के माध्यम से नवरात्रि सहित आगामी आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

