ऑपरेशन ‘क्लीन हंट’ के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 38 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस बल पर हमला, आगजनी, लूटपाट और बलवा समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई
रायगढ़ :- 6 सितंबर 2026। जिले में गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘क्लीन हंट’ के तहत तमनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में 3 महिलाओं समेत 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की घटना में संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई के बाद CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में अब तक कुल 38 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
दिसंबर 2025 से चल रहा था आंदोलन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। प्रशासन और पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों से लगातार शांति बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान आंदोलन अचानक उग्र हो गया। आरोप है कि राजेश मरकाम, अनिल बेहरा सहित अन्य लोगों ने आंदोलनकारियों को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के शासकीय सामान और वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप
पुलिस के मुताबिक हिंसक भीड़ ने पुलिस दल को घेरकर लगातार पथराव किया। इस दौरान पुलिस से शासकीय वॉकी-टॉकी और शासकीय मोबाइल फोन लूटने का भी आरोप है।
इसके अलावा सड़क किनारे खड़े पुलिस के शासकीय वाहनों और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगाने तथा प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई। घटना के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी।
CCTV फुटेज और क्षतिग्रस्त वाहनों का पंचनामा
घटना के संबंध में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 307/2025 एवं 308/2025 पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। घटनास्थल पर जले हुए वाहनों का नुकसानी पंचनामा तैयार किया गया है तथा घटना से संबंधित CCTV फुटेज भी पुलिस ने प्राप्त किए हैं।
विवेचना के दौरान 14 जुलाई 2026 को SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5)(क) का भी विस्तार किया गया।
पहले भी हो चुकी है प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी राजेश मरकाम को 1 जुलाई 2026, अनिल बेहरा को 10 अगस्त 2026 तथा शिवशंकर प्रधान उर्फ शंकर गुप्ता को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में शामिल होना स्वीकार किया तथा उनके विरुद्ध अपराध से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य पाए गए। इसके बाद कमलेश सेठ, अम्बिका चौधरी, सुनाउ सिदार, तपस्विनी प्रधान और भगवति सिदार को 5 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
कमलेश सेठ, पिता गौरांग सेठ, उम्र 26 वर्ष, निवासी बिजना, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
अम्बिका चौधरी, पति गणपति चौधरी, उम्र 55 वर्ष, निवासी आमगांव, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
सुनाउ सिदार, पिता पिलाराम सिदार, उम्र 62 वर्ष, निवासी लिबरा, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
तपस्विनी प्रधान, पति लिंगराज प्रधान, उम्र 35 वर्ष, निवासी झरना, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
भगवति सिदार, पति स्व. भजन सिदार, उम्र 47 वर्ष, निवासी धौराभाठा, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
तमनार पुलिस की अहम भूमिका
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव एवं थाना तमनार के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ आगे भी जारी रहेगा। कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस ऐसे आरोपियों की लगातार पतासाजी कर उन्हें कानून के दायरे में ला रही है। अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।

