मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम मंत्री ओपी चौधरी और राज्यसभा सांसद को दिया ज्ञापन
पदोन्नति में समान अवसर और वरिष्ठता सुरक्षा की भी उठाई आवाज
रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/संवर्ग शिक्षक फेडरेशन ने पूर्व में नियुक्त सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति में समान अवसर और वरिष्ठता संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री ओपी चौधरी तथा राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह को आवेदन सौंपा है। फेडरेशन ने सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के परिप्रेक्ष्य में पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की है।
फेडरेशन ने आवेदन में कहा है कि पूर्व में नियुक्त सेवारत शिक्षकों ने नियुक्ति के समय निर्धारित सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं। नियुक्ति के बाद शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता लागू की गई। ऐसे में पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर नए नियम को अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय राज्य शासन की ओर से केंद्र सरकार को आवश्यक सुझाव भेजने की मांग की गई है।
फेडरेशन ने पदोन्नति के अवसर को लेकर भी अपनी चिंता जताई है। आवेदन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है। फेडरेशन का कहना है कि शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए तथा वर्ष 2028 से पहले टीईटी उत्तीर्ण नहीं होने के आधार पर पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इससे पदोन्नति में समान अवसर और वरिष्ठता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
इसके साथ ही फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा का संचालन सीबीएसई के बजाय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के माध्यम से कराने की मांग भी रखी है। फेडरेशन का कहना है कि राज्य के शिक्षकों के लिए परीक्षा का संचालन राज्य के शिक्षा बोर्ड के माध्यम से होने से उन्हें सुविधा होगी।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने शासन से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के समान अवसर और वरिष्ठता संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है। आवेदन पर जिला एवं विकासखंड स्तर के पदाधिकारियों और सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इस अवसर पर जिला तथा प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति रही है।

