खरसिया :- विकासखंड खरसिया की ग्राम पंचायत करूमहुआ के आश्रित ग्राम करपीपाली में अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। गांव की एक प्रमुख सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है, जबकि नाली निर्माण भी अधूरा और अव्यवस्थित होने के कारण बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र से पदुमलाल बंजारा गली तक लगभग 23 वर्ष पहले सड़क का निर्माण किया गया था। इसके बाद इस मार्ग की न तो मरम्मत कराई गई और न ही दोबारा सीसी सड़क बनाई गई। समय के साथ सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। वहीं, बाद में आंगनबाड़ी से बिहारी पटेल के घर तक नई सीसी सड़क का निर्माण करा दिया गया, लेकिन बीच का महत्वपूर्ण हिस्सा आज भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। बारिश में सड़क नहीं, तालाब नजर आता है बरसात शुरू होते ही यह मार्ग पूरी तरह पानी और कीचड़ से भर जाता है। सड़क पर जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि राहगीरों को सड़क और गड्ढों का अंदाजा तक नहीं लग पाता। कई जगहों पर पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग से प्रतिदिन आंगनबाड़ी के छोटे बच्चे, स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण गुजरते हैं। कीचड़ और गंदे पानी के कारण बच्चों की स्कूल ड्रेस खराब हो जाती है। फिसलकर गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है और कई बार दोपहिया वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार होते-होते बचते हैं। अधूरी नालियां बनी परेशानी की बड़ी वजह ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नाली निर्माण भी आधा-अधूरा किया गया है। कहीं नालियां बनाई गई हैं तो कई स्थानों पर निर्माण बीच में ही छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, कई जगह नालियों का स्तर सड़क से ऊंचा बना दिया गया है, जिससे सड़क का पानी नालियों में जाने के बजाय सड़क पर ही जमा हो जाता है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बनी हुई नालियों की भी नियमित सफाई नहीं कराई जाती। परिणामस्वरूप गंदा पानी लगातार जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का डर सताने लगा है। कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच और संबंधित जिम्मेदारों को दी, लेकिन आज तक न सड़क का निर्माण हुआ और न ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई। लोगों का आरोप है कि हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों ने उठाए सवाल ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए नियमित रूप से राशि उपलब्ध कराई जाती है, तो आखिर अधूरी सड़क और नालियों का निर्माण अब तक क्यों नहीं कराया गया? यदि आंगनबाड़ी से बिहारी पटेल तक नई सीसी सड़क बनाई जा सकती है, तो आंगनबाड़ी से पदुमलाल बंजारा गली तक का हिस्सा आखिर किस कारण छोड़ दिया गया? क्या इस मोहल्ले के लोग विकास के अधिकार से वंचित हैं? शासन-प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी से पदुमलाल बंजारा गली तक शीघ्र नई सीसी सड़क का निर्माण कराया जाए। साथ ही अधूरी नालियों का निर्माण पूरा कर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की समस्या समाप्त हो सके और ग्रामीणों को वर्षों से चली आ रही इस परेशानी से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाने को मजबूर होंगे।

