सक्ति :- जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (आईपीएस) के निर्देशन में नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने तथा स्कूल परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच का अभियान लगातार जारी है। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक स्वयं जिंदल स्कूल, सक्ति पहुंचे, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बिना ड्राइविंग लाइसेंस (D/L) और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन ठगी (साइबर फ्रॉड) से बचाव के संबंध में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में स्कूल के संस्थापक रवि जिंदल, प्राचार्य, शिक्षकगण तथा यातायात प्रभारी वाई. एन. शर्मा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने मोटरयान अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं, चालान राशि एवं अर्थदंड से संबंधित जानकारी वाले पोस्टर का विमोचन किया और उन्हें स्कूल प्रबंधन को सौंपा। इन पोस्टरों को स्कूल परिसर में लगाया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं प्रतिदिन उन्हें देखकर यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो सकें।
इसके बाद यातायात प्रभारी वाई. एन. शर्मा के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम ने लिटिल फ्लावर स्कूल, सक्ति में स्कूल वाहनों की सघन जांच की। जांच के दौरान स्कूल परिवहन में लगे कई वाहनों के आवश्यक दस्तावेज, जैसे परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पॉल्यूशन) और बीमा (इंश्योरेंस) अपूर्ण पाए गए। नियमों का उल्लंघन करने पर 13 स्कूल वाहनों पर कुल 11,300 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अभियान के दौरान 8 नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके अभिभावकों पर कुल 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों को वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यातायात प्रभारी वाई. एन. शर्मा ने बताया कि जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें। साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी आग्रह किया कि स्कूल परिवहन में लगे सभी वाहनों के दस्तावेज पूर्ण एवं अद्यतन रखें, जिससे बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और आम नागरिकों के सहयोग से ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था और दुर्घटनामुक्त समाज का निर्माण संभव है।

