खरसिया :- (रायगढ़), 5 मार्च।
खरसिया थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। देर शाम विधायक की मौजूदगी में प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ और NH-49 पर यातायात फिर से शुरू हो सका।

जानकारी के अनुसार ग्राम परसकोल निवासी रमेश चौहान को 1 मार्च को पुलिस पूछताछ के लिए खरसिया थाना लाऐ थे । परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। तबीयत बिगड़ने पर पहले उसे खरसिया अस्पताल, फिर रायगढ़ जिला अस्पताल और बाद में डीकेएस अस्पताल रायपुर रेफर किया गया, जहां 5 मार्च को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के विरोध में रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जिला अध्यक्षों, सामाजिक पदाधिकारियों और सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग खरसिया पहुंचे। समाज के लोगों ने मदनपुर बैरियर चौक से रैली निकालते हुए “पुलिस प्रशासन हाय-हाय” के नारे लगाए और खरसिया तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम प्रवीण तिवारी और एसडीओपी प्रभात पटेल को ज्ञापन सौंपा।

दोपहर में दिए गए ज्ञापन में समाज के लोगों ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन के साथ दंडात्मक कार्रवाई की मांग रखी। प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच इस विषय पर घंटों तक विचार-विमर्श हुआ, लेकिन प्रशासन की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई।

इसके बाद आक्रोशित लोग तहसील कार्यालय के मुख्य गेट पर सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर देर शाम प्रदर्शनकारियों ने बोतल्दा चौक स्थित NH-49 पर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

इस दौरान खरसिया विधायक उमेश नंद कुमार पटेल भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का साथ देते हुए सड़क पर बैठकर उनकी मांगों की जानकारी ली। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पीड़ित परिवार की मांगों पर सहमति बनाने का आग्रह किया।
इसके बाद देर रात लगभग 8 से 9 बजे के बीच विधायक की मौजूदगी में प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच (1 ) दोषी पुलिस वालों के खिलाफ मजिस्ट्रियल जाँच (2) मृतक की पत्नी को कलेक्टर दर से आस पास की शासकीय स्कूल में कार्य (3) दोषी पुलिस वालों को लाइन अटैच जब तक जाँच पूर्ण न हो (4) प्रशासन कोई शासकीय एक फंड से मृतक के परिवार को मुआवजा देगी राशि निर्धारित नही की गई इन चारों पर सहमति बन गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और NH-49 पर यातायात फिर से सामान्य हो गया।
इधर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खरसिया थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, आरक्षक बिसोप सिंह और योगेश साहू को जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया है तथा पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

