तालाब जीर्णोद्धार, विकास औऱ सौंदर्यीकरण शासन की योजना को कर रहे है बंटाधार
रायगढ़, घरघोड़ा :- नगर पंचायत अपने नित नए कारनामे के चलते सुर्खियों में रहता है। भ्र्ष्टाचार की करस्तानी और नियमों के विपरीत कार्य करने के चलते एक साथ कई अधिकारी कर्मचारी के साथ पंचायत अधिकारी सीएमओ तक को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई से सीखने और सबक लेने के बजाए गैरजिम्मेदाराना रैव्य्या अपनाए हुए हैं आलम यह है कि वार्ड नंबर 10 में मौजूद छोटे मुड़ा तालाब में बगल में स्थित बगमुडा तालाब से जलकुंभी निकालकर डंप किया जा रहा है। इसकी भनक लगते सीएमओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल संबधित अधिकारी को कचरा हटाने का निर्देश दिया है।
दरअसल घरघोड़ा नगर के वार्ड नंबर 10 और 12 में एक दूसरे से जुड़े हुए मौजूद है जिसमें एक तरफ बगमुडा है जबकि दूसरा तालाब छोटेमुडा है। दोनों ही तालाब अगल बगल में है। वर्तमान में दोनो तालाब के जीर्णोद्धार की योजना शासन के पास भेजा गया था, जिसमें बगमुड़ा तालाब के लिए 15 वे वित्त के तहत 19 लाख रूपये स्वीकृति मिला था। जबकि छोटे मुड़ा तालाब के लिए राज्य परिवर्तित योजना के अन्तर्गरत 2022-23 में 93लाख रूपये की स्वीकृति मिली है। वहीं बगमुड़ा तालाब में बड़े स्तर में यहां जलकुंभियो की मौजूदगी से तालाब बदहाली झेल रहा है। इससे कई तरह की व्यवहारिक परेशानियां लोगों को उठाना पड़ रहा है। जिसे देखते एक तालाब बगमुड़ा से जलकुंभी को हटाया जा रहा है। लेकिन उक्त तालाब से निकल गए जलकुंभियों को बगल में ही मौजूद छोटेमुडा तालाब मे तथा इर्दगिर्द एवं लैलूंगा रोड़ से जुड़े रेंगालबहरी मार्ग में डंप किया जा रहा है।यह आने वाले बारिश के मौसम में पानी के साथ वापस उसी तालाब में प्रवेश करेगा यह कहना गलत नही होगा। इसकी शिकायत जागरूक लोगों के द्वारा करते ही नगर पंचायत सीएमओ तत्काल हरकत में आई और संबधित अधिकारियों को फटकार लगाकर समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दी है। बताया जा रहा है कि सीएमओ ने मौका मुआयना भी किया है। देखा जा रहा है यह एक तरह से स्वच्छता अभियान के धज्जियां भी उड़ा रहा है। बहरहाल नगर पंचायत अधिकारी की सख्ती से अधिकारी व कर्मचारियों में हलचल मचा दिया है।
केंद्रीय स्वच्छता टीम घरघोड़ा नगर में, ऐसे कैसे बढ़ेगा रेंकिंग
घरघोड़ा नगर पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आज नगर में एक ओर केंद्र सरकार की स्वच्छता टीम नगर के निरीक्षण और व्यवस्थाओं का आकलन करने पहुंची, वहीं दूसरी ओर नगर के बहुप्रतीक्षित तालाब के जल कुंभी का मसला सफाई में लापरवाही और नियमित मॉनिटरिंग की कमी सामने ला रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान केवल औपचारिक तैयारियां की जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था बदहाल रहती है।
दोनो तालाब के स्वीकृत कार्य और विवाद को ऐसे समझे
छोटेमुड़ा तलाब के गहरीकरण ओर सौंदर्यीकरण के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 2022-2023 में 93 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है,गहरीकरण का कार्य किया गया, ठेकेदारों के बिल 6.71 लाख रुपये प्रस्तुत भी हुआ। परंतु राजनीतिक नुराकस्सी में सितम्बर माह में नोटशीट पर यह लिख दिया गया कि अधीक्षण अभियंता बिलासपुर से जांच कराने टिप अंकित कर दिया गया।
ऐसे में भुगतान और अन्य कार्य रूक गया।
जिसके कारण विगत 2 वर्ष से ऊपर हो चुके है भुगतान ना होने के कारण कार्य ठप्प पड़ा हुआ है। बताया गया कि पक्ष रखा कि जब तालाब में पानी भर चुका है ऐसे में जांच सम्भव ही नही है। लेकिन कार्य लंबित है। इसी तरह वर्तमान में उक्त तलाब के बगल में स्थित बगमुड़ा तलाब में 15 वें वित्त के तहत 19 लाख रुपये के रिटर्निग वाल पिचिंग के कार्य किया जाना है। उक्त कार्य को छोड़कर अब जल कुंभियो को निकाल कर छोटे मुड़ा तलाब में पाटा जा रहा है।
वर्जन
मेरे द्वारा इस पर संज्ञान लिया गया है। कुछ जलकुंभी निकालकर डंप किया गया था जिसे हटाने का निर्देश दिया गया है।
पुष्पा खलखो, नगर पंचायत सीएमओ घरघोड़ा

