जनपद पंचायत खरसिया में पहली बार आयोजित विशेष सम्मान समारोह बना आकर्षण का केंद्र, घर से बाहर निकलने में असमर्थ दिव्यांगजनों के लिए भी होगी जांच एवं प्रमाणीकरण की व्यवस्था
खरसिया :- 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन रायगढ़, समाज कल्याण विभाग रायगढ़ एवं जनपद पंचायत खरसिया के विशेष सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय दिव्यांग प्रमाणीकरण शिविर का 27 अक्टूबर को सफलतापूर्वक समापन हुआ। जनपद पंचायत खरसिया के सभाकक्ष में आयोजित इस शिविर के माध्यम से क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे दिव्यांगजनों का पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं दिव्यांगता प्रमाणीकरण की प्रक्रिया संपन्न की गई। शिविर के समापन अवसर पर चिकित्सकों एवं दिव्यांगजनों के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन भी किया गया, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।

इस तीन चरणों में आयोजित शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके क्षेत्र में ही जांच एवं प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल रायगढ़ तक जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
तीन चरणों में 229 दिव्यांगजनों का पंजीयन
जनपद पंचायत खरसिया के सभाकक्ष में आयोजित इस शिविर का पहला चरण 16 अक्टूबर को संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे 62 दिव्यांगजनों का पंजीयन, जांच एवं प्रमाणीकरण किया गया। इसके पश्चात 22 अक्टूबर को आयोजित दूसरे चरण में 66 दिव्यांगजनों ने शिविर का लाभ उठाया।

वहीं, 27 अक्टूबर को आयोजित तीसरे एवं अंतिम चरण में कुल 101 दिव्यांगजनों का पंजीयन एवं जांच की गई। इस प्रकार तीनों चरणों को मिलाकर शिविर में कुल 229 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ। प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र के दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों एवं समाज कल्याण विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका
शिविर में जिला अस्पताल रायगढ़ से आए चिकित्सकों एवं सहयोगी कर्मचारियों ने दिव्यांगजनों की जांच तथा प्रमाणीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. आर. एन. मांडवी, डॉ. डोलेश्वर पटेल, डॉ. दिलेश्वर पटेल, डॉ. आर. मेश्राम, डॉ. बलदुराम वारे, अर्जुन बेहरा एवं डॉ. चक्रधर पटेल सहित अन्य संबंधित कर्मियों की उपस्थिति रही।

इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग रायगढ़ की ओर से सुशील सिंह एवं उनकी पूरी टीम ने शिविर के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया। चिकित्सकों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वय से तीनों चरणों में दिव्यांगजनों की जांच एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई।
समापन पर डॉक्टरों एवं दिव्यांगजनों के लिए विशेष सम्मान समारोह
शिविर के समापन अवसर पर जनपद पंचायत खरसिया के उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल के नेतृत्व में शिविर में पहुंचे चिकित्सकों एवं दिव्यांगजनों के सम्मान में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना था। साथ ही, दिव्यांगजनों की सेवा में जुटे चिकित्सकों और विभागीय टीम के योगदान को भी सम्मान देना था।
समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगजनों को केवल शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना भी समाज और प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सभी विकासखंडों में शिविर आयोजित होने से दिव्यांगजनों को मिलेगी राहत : डॉ. हितेश गवेल
समापन समारोह को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत खरसिया के उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल ने कहा कि पहले इस प्रकार के दिव्यांग प्रमाणीकरण शिविर मुख्य रूप से जिला अस्पतालों में ही आयोजित होते थे। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को जांच एवं प्रमाणीकरण के लिए जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था, जिससे उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रयासों से अब पहली बार इस प्रकार के शिविर सभी विकासखंडों में आयोजित किए जा रहे हैं। इससे दिव्यांगजनों को उनके नजदीकी क्षेत्र में ही आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी और उन्हें जिला अस्पताल तक जाने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी।
डॉ. गवेल ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके जीवन को सरल एवं सहज बनाना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
घर से बाहर नहीं निकल पाने वाले दिव्यांगजनों के लिए भी होगी विशेष व्यवस्था
जनपद उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल ने आगे कहा कि ऐसे दिव्यांगजन, जो शारीरिक असमर्थता के कारण अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकते, उनके लिए भी आने वाले दिनों में जांच, पंजीयन एवं प्रमाणीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में जनपद पंचायत खरसिया में समाज कल्याण विभाग के विशेष सहयोग से विकासखंड स्तरीय दिव्यांग उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस पहल से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य किया जा सकेगा।
समाज कल्याण विभाग ने खरसिया जनपद की पहल को बताया सराहनीय
कार्यक्रम के संयोजक एवं समाज कल्याण विभाग के सुशील सिंह ने सम्मान समारोह को विशेष पहल बताते हुए कहा कि शिविर के समापन पर चिकित्सकों एवं दिव्यांगजनों के सम्मान में इस प्रकार का आयोजन अपने आप में एक अलग और सराहनीय प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस तरह का विशेष सम्मान समारोह खरसिया में आयोजित किया गया, जिसके लिए उन्होंने जनपद पंचायत खरसिया के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, चिकित्सकों एवं समाज कल्याण विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की।
नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया
कार्यक्रम के दौरान खरसिया क्षेत्र के थाना प्रभारियों की भी उपस्थिति रही। इस अवसर पर थाना प्रभारी द्वारा उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके माध्यम से समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
दिव्यांगजनों के हित में आयोजित इस कार्यक्रम के साथ नशामुक्ति का संदेश जोड़कर सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित किया गया।
जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों एवं दिव्यांगजनों की रही विशेष उपस्थिति
शिविर के समापन एवं सम्मान समारोह में जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामकुमारी राठिया , उपाध्यक्ष डॉ. हितेश गवेल, समस्त जनपद सदस्य, खरसिया क्षेत्र के थाना प्रभारीगण, जिला अस्पताल रायगढ़ से आए चिकित्सक, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।
तीन चरणों में कुल 229 दिव्यांगजनों का पंजीयन कर संपन्न हुआ यह शिविर स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, दिव्यांगजनों को सम्मान देने तथा भविष्य में उनके लिए और बेहतर व्यवस्थाएं विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। जनपद पंचायत खरसिया की इस पहल से क्षेत्र के दिव्यांगजनों को राहत मिलने के साथ ही समाज में संवेदनशीलता, समानता एवं सहयोग का संदेश भी प्रसारित हुआ।

