रायगढ़ :- शहर का गोवर्धनपुर मार्ग इन दिनों सड़क कम और मुसीबत का रास्ता ज्यादा नजर आ रहा है। रामपुर से ऐश्वर्या कॉलोनी तक सड़क की बदहाल स्थिति ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह उभरे बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी सड़क की परत, उड़ती धूल और बारिश के दौरान जमा होने वाला कीचड़ इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए रोजाना की परेशानी बन चुका है।
हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग पर सफर करना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क पर अचानक सामने आने वाले गहरे गड्ढों से वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों की परेशानी इससे और बढ़ जाती है।
गड्ढों ने बढ़ाया हादसों का खतरा
गोवर्धनपुर मार्ग के कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह जर्जर नजर आ रही है। कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है तो कहीं गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कम रोशनी के कारण गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग जागेगा?
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर बढ़ रहा दबाव
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक इस मार्ग से लगातार भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही होती है। भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि इस मार्ग पर भारी यातायात नियमित रूप से जारी है, तो क्या सड़क का निर्माण और उसकी क्षमता इसी यातायात को ध्यान में रखकर की गई है?
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क की तकनीकी स्थिति का परीक्षण कर यह तय करे कि मार्ग को किस स्तर की मजबूती और चौड़ाई की आवश्यकता है।
धूल बनी दुकानदारों और रहवासियों के लिए मुसीबत
सड़क की बदहाली का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। मार्ग के आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों के गुजरने पर सड़क से धूल के गुबार उठते हैं, जिससे दुकानों में रखा सामान प्रभावित होने के साथ ही लोगों को भी परेशानी होती है।
वहीं बारिश के दौरान यही सड़क कीचड़ और पानी से भर जाती है। यानी गर्मी में धूल और बारिश में कीचड़—मौसम बदलता है, लेकिन जनता की परेशानी नहीं।
पैचवर्क से नहीं चलेगा काम, चाहिए स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय समय-समय पर गड्ढों में मिट्टी-गिट्टी डालकर या मामूली पैचवर्क कर काम चलाने की कोशिश की जाती है। लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के बाद यह अस्थायी मरम्मत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती और सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है।
ऐसे में अब लोगों का सवाल है कि बार-बार की खानापूर्ति पर आखिर कब तक सरकारी राशि खर्च होती रहेगी? यदि सड़क का निर्माण या पुनर्निर्माण जरूरी है, तो अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान क्यों नहीं किया जा रहा?
जनता की दो टूक—खानापूर्ति नहीं, चाहिए पक्की सड़क
स्थानीय रहवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से गोवर्धनपुर-रामपुर-ऐश्वर्या कॉलोनी मार्ग का तत्काल स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे भरने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क की मौजूदा स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर उसकी मजबूती, जल निकासी और यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए स्थायी निर्माण की योजना बनाई जानी चाहिए।
लोगों की मांग है कि सड़क को जरूरत के अनुसार मजबूत और चौड़ा किया जाए तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब न हो।
बड़ा सवाल—आखिर हादसे का इंतजार क्यों?
गोवर्धनपुर मार्ग की बदहाली अब सिर्फ असुविधा का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुकी है। गड्ढे बढ़ रहे हैं, सड़क की हालत बिगड़ रही है और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
जनता का सवाल सीधा है—क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
जरूरत अब बयानबाजी या खानापूर्ति की नहीं, बल्कि तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की है। समय रहते सड़क की मरम्मत और आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो यह बदहाल मार्ग किसी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग जनता की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और गोवर्धनपुर मार्ग को गड्ढों से निकालकर सुरक्षित आवागमन का मार्ग कब बनाता है।

