“आखिर किसके दबाव में खामोश है प्रशासन?”—कलेक्टर-एसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
रायगढ़/खरसिया :- 24 अगस्त 2026। खरसिया क्षेत्र में भूमि विवाद से जुड़ा मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। रायगढ़ चौक, खरसिया निवासी चंद्रमणि कुम्हार, पिता हरिराम कुम्हार ने आरोप लगाया है कि उनकी विवादित भूमि पर कथित रूप से जबरन कब्जा करने, मकान तोड़ने और धमकी देने का प्रयास किया गया। शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार परेशान है।शिकायतकर्ता के अनुसार खरसिया, पटवारी हल्का नंबर 20, तहसील खरसिया स्थित खसरा नंबर 578/22, 578/24, 578/25, 578/26, 578/30, 578/33 एवं 578/42 को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि खरसिया निवासी राजेश कुमार अग्रवाल एवं उनकी पत्नी करीब 50 से 100 लोगों के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और मकान तोड़ने तथा भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया।

जेसीबी पहुंचने और तोड़फोड़ के प्रयास का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि विवादित भूमि पर जेसीबी पहुंचने की सूचना के बाद भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। चंद्रमणि कुम्हार के मुताबिक, उन्होंने 22 अगस्त 2026 को पुलिस चौकी खरसिया में शिकायत देकर घटना की जानकारी दी थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी कथित निर्माण और कब्जे की गतिविधियों को लेकर उन्हें राहत नहीं मिली।
“शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं तो जाएं कहां?”
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव की स्थिति नहीं चाहते। उनका कहना है कि मामला भूमि संबंधी है और इसका समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। परिवार ने प्रशासन से विवादित भूमि की स्थिति स्पष्ट कराने और किसी भी पक्ष द्वारा जबरन कब्जे या निर्माण की कोशिश पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित लोगों द्वारा प्रभावशाली राजनीतिक पहुंच होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पीड़ित परिवार इसी वजह से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है।
कलेक्टर-एसपी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
चंद्रमणि कुम्हार ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक रायगढ़ सहित संबंधित अधिकारियों से मामले की तत्काल जांच कराने, विवादित भूमि का मौके पर निरीक्षण कराने और कथित अवैध कब्जे एवं निर्माण की कोशिश को रोकने की मांग की है। साथ ही शिकायत में नामित लोगों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
अब पूरे मामले में नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई चाहिए, ताकि विवाद आगे किसी अप्रिय स्थिति में न बदले।

