खरसिया :- हर त्योहार के सीजन में खरसिया शहर में आसपास के सैकड़ों गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। त्योहारों के चलते बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में खरसिया फाटक की ओर जाने वाली सड़क पर सड़क किनारे लगी दुकानें और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है।

खरसिया फाटक वाली रोड पर शहर की ओर सड़क के दोनों तरफ सब्जी, फल, राशन सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें और ठेले लगे रहते हैं। कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा सड़क से सटकर सामान सजाने के कारण आवागमन के लिए बेहद कम जगह बचती है। सामान्य दिनों में भी यहां यातायात प्रभावित होता है, लेकिन त्योहारों के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
फाटक बंद होते ही लग जाती है वाहनों की लंबी कतार
फाटक बंद होने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। फाटक खुलने के बाद वाहन चालक जल्द से जल्द आगे निकलने के प्रयास में नियमों की अनदेखी करते हुए एक-दूसरे के आगे वाहन निकालने लगते हैं। सड़क के दोनों तरफ पहले से ही पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो जाती है और देखते ही देखते जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।
कई बार यह जाम इतना बढ़ जाता है कि लोगों को काफी देर तक सड़क पर फंसे रहना पड़ता है। इससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, बुजुर्गों और दूर-दराज से खरीदारी के लिए आने वाले ग्रामीणों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सड़क किनारे कारोबार से यातायात व्यवस्था प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के किनारे दुकान लगाकर व्यापार करने वालों के खिलाफ नगर प्रशासन को नियमित कार्रवाई करनी चाहिए। व्यापार करना किसी की समस्या नहीं है, लेकिन सार्वजनिक सड़क और आवागमन की जगह को बाधित कर दुकानें लगाने से हजारों लोगों को परेशानी होती है।
प्रशासन द्वारा यदि सड़क से पर्याप्त दूरी पर दुकानें लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और यातायात के लिए निर्धारित स्थान को खाली रखा जाए तो जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भीड़भाड़ वाले इलाके में भारी वाहनों पर हो नो-एंट्री
स्थानीय नागरिकों की एक प्रमुख मांग यह भी है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारित किया जाए। त्योहारों के दौरान बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर उचित समय के लिए नो-एंट्री लागू करने से यातायात का दबाव कम किया जा सकता है।
इसके साथ ही फाटक खुलने के बाद वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकालने के लिए यातायात पुलिस या प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की आवश्यकता है। सड़क के दोनों ओर अवैध तरीके से किए गए अतिक्रमण को हटाकर पर्याप्त आवागमन क्षेत्र उपलब्ध कराया जाना भी जरूरी है।
स्थायी समाधान की जरूरत
खरसिया शहर में त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को केवल तत्काल कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की जरूरत है। नगर सरकार और प्रशासन को संयुक्त रूप से सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित करने, अतिक्रमण हटाने, भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने और फाटक के आसपास यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले त्योहारों में जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को जनहित को प्राथमिकता देते हुए सड़क को अतिक्रमणमुक्त और यातायात को व्यवस्थित बनाने के लिए कड़ी एवं नियमित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि खरसिया की जनता और आसपास के गांवों से आने वाले लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

