सक्ती :- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 26 जून 2026 को हुए चर्चित अंधे कत्ल का पुलिस ने महज चार दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रेम संबंधों के चलते रची गई सुनियोजित साजिश का परिणाम थी। महिला की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में दबिश देकर हत्या की साजिश रचने वाले दंपति समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामला थाना सक्ती के अपराध क्रमांक 290/2026 का है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की गई है।दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी हत्या
26 जून 2026 को ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की दो नकाबपोश बदमाशों ने पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।चार दिन तक चली जांच, तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सक्ती के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने लगातार चार दिनों तक मृतका के परिजनों, संदिग्धों से पूछताछ की। साथ ही मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया।इसी दौरान जांच की दिशा बदल गई और हत्या के पीछे प्रेम संबंधों की कहानी सामने आई।प्रेम संबंध से शुरू हुई खूनी साजिश
पुलिस जांच में पता चला कि मृतका पूर्णिमा चौहान का रायगढ़ जिले के देलारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार और बिक्री का कार्य करते थे।मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा चौहान को इस संबंध की जानकारी थी। इसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बाद में मुरलीशंकर ने पत्नी के कहने पर मृतका से दूरी बना ली, लेकिन पुलिस के अनुसार पूर्णिमा लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी।इसी से परेशान होकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा ने पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की साजिश रची।4 लाख रुपये में दी गई हत्या की सुपारी
पुलिस के अनुसार दंपति ने झारखंड से लौटे राजेंद्र महंत से संपर्क किया और 4 लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की। समझौते के अनुसार हत्या के बाद रकम का भुगतान किया जाना था। घटना के बाद चम्पा चौहान ने 2 लाख रुपये आरोपियों को दे भी दिए थे।ऐसे बनाई गई हत्या की पूरी योजना
राजेंद्र महंत ने अपने साथियों गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत को योजना में शामिल किया।26 जून को तय योजना के अनुसार—सुनील महंत और गौरीशंकर सिदार मोटरसाइकिल से ग्राम जोंगरा पहुंचे।
गौरीशंकर सिदार ने पिस्तौल से पूर्णिमा चौहान पर गोली चलाई।
हत्या के बाद दोनों आरोपी सुमित गबेल द्वारा उपलब्ध कराई गई मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
बाद में राकेश महंत ने दोनों शूटरों को दूसरे राज्यों में भागने में मदद की।
वहीं चम्पा चौहान से मिले 2 लाख रुपये राजेंद्र महंत, वेदप्रकाश और चंद्रशेखर ने जाकर प्राप्त किए।
झारखंड और महाराष्ट्र से दबोचे गए आरोपी
मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने पाया कि—राजेंद्र महंत झारखंड के जमशेदपुर में था।
गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत महाराष्ट्र के पुणे में छिपे हुए थे।
विशेष टीम ने दोनों राज्यों में दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद अन्य सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने किया यह सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल
4 जिंदा कारतूस
घटनास्थल से 3 खाली खोखे
घटना में प्रयुक्त टीवीएस मोटरसाइकिल
कई मोबाइल फोन
बैंक पासबुक
सुपारी की रकम में बची नकदी
बरामद की है।गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है—चम्पा चौहान (मुख्य साजिशकर्ता)
मुरलीशंकर चौहान
सुनील महंत
गौरीशंकर सिदार (शूटर)
राकेश महंत
वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू
राजेंद्र महंत (सुपारी लेने वाला)
सुमित गबेल
चंद्रशेखर महंत
कई राज्यों में फैले नेटवर्क का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र तक फैला आपराधिक नेटवर्क सक्रिय था। तकनीकी जांच और लगातार की गई कार्रवाई के चलते महज चार दिनों के भीतर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रेम प्रसंग बना खूनी साजिश की वजह: 4 लाख की सुपारी देकर महिला की हत्या, 9 आरोपी गिरफ्तार
