नई दिल्ली :- 29 जून। देश की अग्रणी प्राकृतिक संसाधन, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी कंपनी वेदांता समूह को वर्ष 2026 के लिए ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया द्वारा भारत के टॉप-100 बेस्ट कंपनियों टू वर्क फॉर की प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि वेदांता की उस कार्य संस्कृति को मान्यता देती है, जिसमें कर्मचारियों के लिए विश्वास, उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार, समावेशिता और स्वामित्व की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

कंपनी ने न केवल अपने कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार किया है, बल्कि पिछले पांच वर्षों में अपने व्यापक ईएसओपी (Employee Stock Option Plan) कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का भी सृजन किया है। यह पहल कर्मचारियों को केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि कंपनी की सफलता में भागीदार बनने का अवसर भी प्रदान करती है।
युवा और विविध कार्यबल बना रही है वेदांता
वेदांता ने भारत के औद्योगिक क्षेत्र में सबसे युवा और तेजी से विविध होते कार्यबल का निर्माण किया है। वर्तमान में कंपनी के लगभग 40 प्रतिशत कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के हैं। वहीं, कुल कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं हैं और कंपनी के विभिन्न व्यवसायों में करीब 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स भी कार्यरत हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र में समावेशिता और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
कर्मचारियों के भरोसे और कार्य संस्कृति के आधार पर मिला सम्मान
ग्रेट प्लेस टू वर्क® विश्व स्तर पर कार्यस्थल संस्कृति का मूल्यांकन करने वाली अग्रणी संस्था है। यह संस्था कर्मचारियों के विश्वास, उनके कार्यस्थल के अनुभव और मानव संसाधन नीतियों के आधार पर कंपनियों का आकलन करती है। वर्ष 1992 से यह संस्था शोध आधारित और सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से दुनिया भर के संगठनों को बेहतर कार्यस्थल विकसित करने में सहयोग कर रही है। अब तक यह संस्था 10 करोड़ से अधिक कर्मचारियों का सर्वेक्षण कर चुकी है।
भविष्य की कार्य संस्कृति तैयार कर रहा है वेदांता
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए वेदांता समूह की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) नेहा शर्मा ने कहा कि यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि कंपनी भविष्य को ध्यान में रखकर ऐसी कार्य संस्कृति विकसित कर रही है, जहां प्रदर्शन, समावेशिता और स्वामित्व की भावना एक साथ आगे बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से कठिन माने जाने वाले उद्योग में वेदांता युवा प्रतिभाओं को अवसर देने, महिलाओं और कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों की भागीदारी बढ़ाने तथा कर्मचारियों को सीधे मूल्य सृजन का हिस्सा बनाकर कार्यस्थल की नई परिभाषा लिख रहा है। कंपनी का उद्देश्य केवल प्रतिभाशाली लोगों को नियुक्त करना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवसाय की सफलता में साझेदार बनाना भी है।
देश के औद्योगिक विकास में निभा रहा अहम भूमिका
वेदांता धातु, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में कार्यरत है, जो भारत के भविष्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। कंपनी अपने बड़े और जटिल परिचालनों के माध्यम से कर्मचारियों को ऐसे व्यवसायों का हिस्सा बनने का अवसर देती है, जो आने वाले वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इससे कर्मचारियों को तेजी से करियर विकास और नेतृत्व की नई जिम्मेदारियां प्राप्त होती हैं।
तकनीक और नवाचार पर विशेष जोर
वेदांता अपने परिचालनों में डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा आधारित समाधान अपनाकर भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक प्रणाली विकसित कर रही है। इससे कर्मचारियों को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ काम करने, जटिल औद्योगिक समस्याओं का समाधान निकालने और वैश्विक स्तर की परियोजनाओं में योगदान देने का अवसर मिलता है।
स्टार्टअप जैसी संस्कृति और वैश्विक अवसर
वेदांता की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि कंपनी वैश्विक समूह की मजबूती को स्टार्टअप जैसी तेज गति, नवाचार और निर्णय लेने की संस्कृति के साथ जोड़ती है। इससे कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां संभालने, नए विचारों पर काम करने और संगठन के विकास में प्रत्यक्ष योगदान देने का अवसर मिलता है।
हर स्तर के कर्मचारियों को ESOP का लाभ
वेदांता ने कॉर्पोरेट भारत के सबसे व्यापक और समावेशी ईएसओपी कार्यक्रमों में से एक विकसित किया है। इस योजना के तहत एंट्री लेवल कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ नेतृत्व तक सभी को कंपनी में हिस्सेदारी का अवसर दिया जाता है। इससे कर्मचारियों में स्वामित्व की भावना मजबूत होती है और संगठन में साझा विकास तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन की संस्कृति विकसित होती है।
विश्वस्तरीय टाउनशिप और बेहतर जीवन सुविधाएं
कंपनी अपने कर्मचारियों को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि बेहतर जीवन स्तर भी उपलब्ध कराती है। वेदांता की एकीकृत टाउनशिप में गुणवत्तापूर्ण आवास, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खेल सुविधाएं और सामुदायिक जीवन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।
महिलाओं के लिए सुरक्षित और प्रगतिशील कार्यस्थल
वेदांता की मानव संसाधन नीति का प्रमुख आधार विविधता, समान अवसर और समावेशिता है। कंपनी मातृत्व अवकाश के बाद महिलाओं के लिए ‘रिटर्न-टू-वर्क’ कार्यक्रम संचालित करती है, जिससे वे अपने करियर में सहज रूप से वापसी कर सकें। इसके अलावा सुरक्षित व्यवस्था के साथ महिलाओं को विभिन्न परिचालनों में रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में भी कार्य करने का अवसर दिया जाता है।
उद्योग के लिए नया मानक
ग्रेट प्लेस टू वर्क® द्वारा मिला यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि वेदांता केवल व्यापारिक सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारी-केंद्रित नीतियों, समावेशी विकास, नवाचार, समान अवसर और साझा स्वामित्व की संस्कृति के माध्यम से भारत के औद्योगिक क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है।
मुख्य बिंदु
ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया 2026 की टॉप-100 कंपनियों में शामिल हुआ वेदांता।
पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए ₹2,500 करोड़ की वेल्थ का सृजन।
कंपनी के 40% कर्मचारी 30 वर्ष से कम आयु के।
कार्यबल में 23% महिलाएं और करीब 100 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स।
डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI और ऑटोमेशन आधारित आधुनिक कार्य संस्कृति।
महिलाओं के लिए रिटर्न-टू-वर्क और सुरक्षित नाइट शिफ्ट जैसी प्रगतिशील नीतियां।
कर्मचारियों को विश्वस्तरीय आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं का लाभ।
समावेशिता, नवाचार और कर्मचारी स्वामित्व के दम पर वेदांता बना देश के सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में शामिल।

