निष्पक्ष पत्रकारिता एवं हर जाति धरम का सम्मान करते हुए पुरे छग में बनाए अलग पहचान।
पत्रकारिता के क्षेत्र में मिला भूपेंद्र लहरे को पीएचएचडी की डिग्री।
मालखरौदा :- सक्ती जिले के मालखरौदा ब्लाक अंतर्गत ग्राम भड़ोरा निवासी समाजसेवी जनप्रिय व्यक्तित्व के धनी निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले भूपेंद्र लहरे को दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचएचडी की मानद उपाधि दिल्ली में दिनांक 13 जुन 2026 दिन शनिवार को डॉक्टरेट की मांनद डिग्री से नवाजे गए, दिल्ली यूनिवर्सिटी मैजिक बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा पत्रकार भूपेंद्र लहरें को उनके निष्पक्ष पत्रकारिता एवं अग्रणी कार्यशैली के प्रतिभा पर डॉक्टरेट की महान सम्मान से सम्मानित कियें है, अब लहरे सर के नाम के आगे डॉ.भूपेंद्र लहरे लिखा जाएगा यह उपलब्धि क़ोई आम उपलब्धि नहीं होती है जिनके द्वारा फिल्ड में वर्षों की मेहनत और साहसिक कार्य किया जाता है उन्हें ऐसी ही बड़ी उपलब्धि मिलना तय है।
भूपेंद्र लहरें पत्रकारिता के माध्यम से समाज सेवा एवं क्षेत्र की समस्याओं को धड़ल्ले से उठाते आ रहे हैं जिसके कारण कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिलती रही है । भूपेंद्र लहरे,सक्ति जिले के एक छोटे से ग्राम भड़ोरा में जन्मे एक गरीब किसान स्व. पीलाराम लहरे के बड़े पुत्र हैं डॉ.भूपेंद्र लहरे को क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर भारत सरकार के रजि.यूनिवर्सिटी मैजिक बुक ऑफ रिकार्ड से दिनांक 13/जुन 2026 को भारत की राजधानी दिल्ली में डाक्टरेट (पीएचएचडी )की मानद उपाधि से सम्मानित हुए हैं,इसके लिए संस्था के द्वारा लहरे को ई मेल के माध्यम से और आमंत्रण पत्र भेज कर सम्मान के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके पहले भी समाज सामाजिक और पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के कई पत्रकार संगठन एवं सामाजिक संगठन से भी सम्मानित हो चुके हैं।
भूपेंद्र लहरे पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों से निष्पक्ष कार्य करते आ रहें हैं, इनके इन्ही उपलब्धि को देखते हुए मैजिक बुक ऑफ रिकार्ड दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पीएचएचडी की मांनद डिग्री से सम्मानित किए हैं अब भूपेंद्र लहरे अपने नाम के आगे डॉ.भूपेंद्र लहरे हो गए,डाक्टरेट की इस महान उपलब्धि को देने वाले यूनिवर्सिटी को भूपेंद्र लहरे ने संस्था का धन्यवाद ज्ञापित किए हैं । भूपेंद्र लहरे ने कहा यह सम्मान मेरे अकेले का नहीं है इसमें मेरे घर परिवार समाज के प्रबुद्धजनो महापुरुषो के आशीर्वाद और इनके विचार से भरा रहा है मेरा जीवन इन्ही महापुरुषों की विचारधारा पर चलकर ही यह डाक्टरेट की मांनद उपाधि तक पहुंचा हैं।
उपलब्धियां
डॉ.भूपेंद्र लहरे पूर्व में सर्व पत्रकार एकता महासंघ के सक्ति जिलाध्यक्ष रह चुके हैं एवं इसी वर्ष राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के प्रदेश सचिव बनाएं गए हैं, इसी वर्ष इन्होने अप्रेल 2026 में मालखरौदा सतनाम भवन में पत्रकार सम्मान समारोह का सफल आयोजन कियें जिसमें जिलेभर के पत्रकार के साथ साथ प्रदेश के अन्य जिलों के पत्रकार पहुँचे हुए थे।
डॉ.भूपेंद्र लहरे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं यह नाम ही काफ़ी है जो आम जनता से लेकर बड़े बड़े नेता सामाजिक कार्यकर्ता पत्रकार, अधिकारी कर्मचारियों के जुबान पर रहता है। एक गरीब किसान परिवार में जन्मे भूपेंद्र लहरे ने अपने जीवन में हर स्थिति परिस्थिति का सामना किया है जैसे धुप,छाँव,भूख,प्यास में मेहनत करना,अपने गांव में एक किसान के ढाई एकड़ की फसल धान की कटाई अकेले ही 10 दिन में ही काट (लुवाई ) कर दिया,जिसको 20 लोगों का समूह 5,6 दिन में काट पाते हैं उसको लहरे ने अकेले कटाई कर दिया गांव के लोग कहते हैं की तुमने धान कटाई में सबको पीछे छोड़ दिया,इतनी मेहनत कर चुकें है,वहीं पत्रकारिता से पहले रायगढ़ तराईमाल स्थित नलवा कंपनी स्पंज आयरन,सिंघल आदि कम्पनियों में 8 साल काम कर चुके हैं,गरीबी भुखमरी हर प्रकार के दर्द को झेलते हुए यह डाक्टरेट की उपाधि तक का सफर है,कभी भी परिस्थिति से हार न मानने वाले ब्यक्तित्व होने के साथ साथ इनका जीवन एकदम सादा जीवन उच्च विचार पर आधारित हैं कभी मांस मंदिरा,जुआ शराब आदि बुराइयों से परे हटकर कार्य करते आएं हैं,कड़ी मेहनत के बल पर आज डॉक्टरेट की मांनद उपाधि तक का सफर पूरा कियें है।
डॉ.भूपेंद्र लहरे अपने घर पहुँचकर यह डिग्री मेडल डाक्टरेट की ड्रेस को अपनी मां गंगाबाई लहरे को पहना दिया और उनका सम्मान आशीर्वाद लिए माँ ने अपने बेटे की इस उपलब्धि को देखकर भावुक हो गईं एवं अपने डॉक्टर पुत्र को आशीर्वाद देते हुए कहा ऐसे हीं मेरे और अपने पिता स्व. पीलाराम लहरे सहित घर परिवार गांव एवं समाज का नाम रौशन करते रहो यह हमारा आशीर्वाद है।

