धरमजयगढ़़ :- कापू तहसील क्षेत्र का रायमेर गांव एक बार फिर जमीन विवाद को लेकर चर्चा में है। वर्षों से यह क्षेत्र भूमि संबंधी विवादों, कथित फर्जी रजिस्ट्री, फर्जी बिक्री, फर्जी किसान एवं वनाधिकार पट्टों जैसे मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। अब एक नया मामला सामने आने के बाद गांव में तनाव का माहौल निर्मित हो गया है।
जानकारी के अनुसार रायमेर निवासी फलिंदर नागवंशी पिता बुधराम नागवंशी ने कापू थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि, खसरा नंबर 479/30, रकबा
2.0230 हेक्टेयर* पर गांव के ही जुनस किस्पोट्टा पिता केदा किस्पोट्टा द्वारा जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

बता दें,शिकायतकर्ता के मुताबिक बीते 7 मई को जुनस किस्पोट्टा अपने परिवार के सदस्यों के साथ उक्त भूमि पर पहुंचा और तेंदूपत्ता तोड़ने लगा। जब फलिंदर नागवंशी ने इसका विरोध करते हुए उन्हें जमीन से हटने के लिए कहा, तब आरोप है कि जुनस किस्पोट्टा ने दबंगई दिखाते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी। वहीं घटना के बाद फलिंदर नागवंशी ने कापू थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि रायमेर गांव में भूमि विवाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कभी सीमांकन को लेकर विवाद, तो कभी कब्जे और स्वामित्व को लेकर गांव के लोग थाना, तहसील और न्यायालय के चक्कर काटते नजर आते हैं। लगातार बढ़ते ऐसे विवाद भविष्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना को जन्म दे सकते हैं।
और वहीं स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन और पुलिस को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि समय रहते विवादों पर अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।

