खरसिया/रायगढ़। खरसिया तहसील के ग्राम अगासमार के महिलाओं ने क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध शराब के कारोबार और गांजा बिक्री के खिलाफ पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) खरसिया सतीश कुमार भार्गव को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

महिलाओं के अनुसार ग्राम अगासमार के आसपास एडुपुल, बरभौना सहित अन्य गांव स्थित हैं। इन क्षेत्रों में कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से घर में महुआ शराब बनाने तथा बाहर से शराब लाकर अवैध रूप से बिक्री किए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। ज्ञापन में ग्राम पंचायत देहजरी के अंतर्गत ग्राम देहजरी के एडुपुल के पास तथा बरभौना क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां संचालित होने का आरोप लगाया गया है।

बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित
महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में यदि शराब आसानी से उपलब्ध होती रही तो इसका सबसे अधिक असर युवा वर्ग और नाबालिग बच्चों पर पड़ सकता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में 10 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों और किशोरों पर नशे का प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।

महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब की बिक्री और निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि गांव के बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
शराब में यूरिया व अन्य सामग्री मिलाने का भी आरोप
ज्ञापन में गमहिलाओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित रूप से तैयार की जा रही शराब में यूरिया खाद एवं अन्य दवाइयों की गोलियां मिलाकर बेचने की बात सामने आ रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। महिलाओं ने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

गांजा बिक्री का भी लगाया आरोप
महिलाओं ने अपने ज्ञापन में गांजा बेचने का आरोप भी लगाया है। पुलिस से इस आरोप की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
परिवारों में विवाद और महिलाओं पर असर का दावा
महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में कथित रूप से शराब की बिक्री के कारण कई परिवारों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार नशे के आदी लोग शराब खरीदने के लिए परिवार से पैसे मांगते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिलाओं ने दावा किया कि इसका सबसे अधिक प्रभाव हम महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों पर पड़ रहा है।

कई बार समझाइश देने के बावजूद नहीं रुका कारोबार:
ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि कथित रूप से अवैध शराब बिक्री में शामिल लोगों को कई बार मौखिक रूप से समझाइश दी गई, लेकिन उनके अनुसार इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। महिलाओं का आरोप है कि संबंधित लोगों द्वारा यह कहा जाता है कि वे किसी को शराब या गांजा खरीदने के लिए मजबूर नहीं करते और लोग अपनी इच्छा से वहां आते हैं।
पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
महिलाओं ने एसडीओपी खरसिया को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने, अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री तथा गांजा बिक्री के आरोपों का सत्यापन करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
महिलाओं का कहना है कि समय रहते अवैध नशे के कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर आसपास के गांवों के सामाजिक वातावरण और युवा पीढ़ी पर पड़ सकता है। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर है।

