रायगढ़ :- तमनार वन परिक्षेत्र के छडोरिया गांव के पास बुधवार सुबह तालाब में नवजात हाथी का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी में हाथी की मौत तालाब में डूबने से होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों के मुताबिक, छडोरिया गांव और आसपास के जंगलों में पिछले कुछ समय से हाथियों का बड़ा दल विचरण कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बीती रात हाथियों का दल पानी पीने के लिए तालाब पहुंचा होगा। इसी दौरान नवजात हाथी के साथ हादसा हुआ होगा। बुधवार सुबह तालाब में शव दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल पिछले कुछ दिनों से सामारूमा-अमलीडीह मार्ग के आसपास भी विचरण कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी दिनभर जंगल में रहने के बाद शाम होते ही सड़क और आसपास के इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे में क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी बनी हुई है।
रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा एसडीओ आशुतोष मंडावा ने बताया कि छैडोरिया गांव के पास तालाब में नवजात हाथी की मौत हुई है। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर डूबने की बात कही और बताया कि पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से करीब 51 हाथियों का दल विचरण कर रहा था, जिनमें से एक हाथी दूसरे स्थान की ओर चला गया है। तालाब में मृत मिला नवजात हाथी इसी दल का हिस्सा बताया जा रहा है। उसका जन्म हाल ही में हुआ था।
फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही नवजात हाथी की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

