रायगढ़ :- 30 सितंबर 2026। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” को अब पुलिस कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से भी मजबूती दी जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा एक ओर जहां अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम नवागढ़ में ग्रामीणों ने सामूहिक पहल करते हुए गांव में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प लिया है। ग्रामीणों के इस निर्णय को गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल माना जा रहा है।
ग्रामीणों के संकल्प का पुलिस ने किया स्वागत
ग्राम नवागढ़ में शराबबंदी के संकल्प को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों के सामूहिक निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि शराबबंदी का यह कदम केवल वर्तमान पीढ़ी को नशे से दूर रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की वजह से घरेलू विवाद, पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा तथा अन्य अपराधों की परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसी प्रकार नशे में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
“एक गांव की पहल दूसरे गांवों के लिए बने प्रेरणा”
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में अच्छी पहल भी उसी तरह फैल सकती है, जिस तरह गलत आदतें एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती हैं। यदि एक गांव सामूहिक रूप से नशे के खिलाफ खड़ा होता है तो आसपास के अन्य गांव भी उससे प्रेरणा ले सकते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नवागढ़ के ग्रामीणों द्वारा लिया गया शराबबंदी का संकल्प आसपास के गांवों को भी नशे से दूर रहने और अपने गांव को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
अवैध शराब बेचने वालों को सख्त चेतावनी
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों को भी स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से गांव में शराबबंदी का निर्णय लिया है, ऐसे में यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे गांव में अवैध रूप से शराब बनाते या बेचते पाया जाता है अथवा ऐसी गतिविधि की शिकायत मिलती है, तो पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि गांव में अवैध शराब बनाने, बेचने या अन्य नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
पुलिस के प्रयासों की ग्रामीणों ने की सराहना
कार्यक्रम में ग्राम नवागढ़ के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही जागरूकता गतिविधियों की सराहना की। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे गांव में शराबबंदी के निर्णय को प्रभावी बनाने के लिए आपसी सहयोग बनाए रखेंगे और अवैध शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस को देंगे।
ग्रामीणों का यह सामूहिक संकल्प गांव में सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी की भावना को भी मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
कार्रवाई के साथ जनभागीदारी पर जोर
रायगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन आघात” अब केवल अवैध शराब और नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि ग्रामीणों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर उन्हें इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया जाए।
गांवों में नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प, पुलिस और जनता के बीच सहयोग तथा अवैध शराब के खिलाफ सूचना तंत्र को मजबूत करने से नशामुक्त गांव, सुरक्षित परिवार और अपराधमुक्त समाज की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाया जा सकता है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
“नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई से पूरी नहीं हो सकती। जब पुलिस के साथ समाज और ग्रामीण स्वयं आगे आते हैं, तभी नशामुक्ति का अभियान मजबूत होता है। किसी गांव द्वारा स्वेच्छा से शराबबंदी का निर्णय लेना सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण है। रायगढ़ पुलिस ऐसे हर प्रयास में ग्रामीणों के साथ खड़ी है।”

