पारिवारिक विवाद में तिहारू साहू की बेरहमी से पिटाई के बाद हुई थी मौत, अदालत ने चारों को हत्या का दोषी माना
रायगढ़ :- 9 सितंबर 2026। पुलिस चौकी जोबी क्षेत्र के ग्राम कोठीकुंडा में जुलाई 2025 में हुए बहुचर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 2,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अदालत से सजा पाने वालों में मृतक की पहली पत्नी जानकी साहू, बेटा विकास साहू, साली जया साहू और साला भुनेश्वर साहू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद के चलते चारों ने मिलकर तिहारू साहू को रास्ते में रोककर मारपीट की थी। इसी दौरान विकास साहू ने धारदार टांगी से तिहारू पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल तिहारू की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
रास्ता रोककर शुरू हुआ विवाद, चारों ने मिलकर किया हमला
पुलिस के अनुसार घटना 7 जुलाई 2025 की है। खरसिया तहसील के ग्राम कोठीकुंडा में तिहारू साहू अपनी दूसरी पत्नी सुकमति साहू के साथ मोटरसाइकिल से मसनिया कला जा रहा था। इसी दौरान विकास साहू के घर के सामने उसकी पहली पत्नी जानकी साहू ने रास्ते में लंबा बांस रखकर मोटरसाइकिल रुकवा दी।
आरोप है कि जानकी साहू ने तिहारू के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर उसकी बहन जया साहू भी मौजूद थी। दोनों ने तिहारू के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच तिहारू का बेटा विकास साहू और उसका साला भुनेश्वर साहू भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के मुताबिक इसके बाद चारों ने मिलकर तिहारू साहू के साथ मारपीट की। इसी दौरान विकास साहू ने हाथ में मौजूद धारदार टांगी से तिहारू पर हमला कर दिया। हमले में तिहारू की आंख के ऊपर, भुजा, जांघ और पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
इलाज के दौरान मौत, हत्या की धारा जोड़ी गई
घटना के संबंध में 9 जुलाई 2025 को ग्राम मसनिया कला, सक्ती निवासी सुकमति साहू ने पुलिस चौकी जोबी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुकमति ने पुलिस को बताया था कि वह तिहारू साहू की दूसरी पत्नी है और घटना के समय वह अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर मौजूद थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस चौकी जोबी में अपराध क्रमांक 373/2025 के तहत बीएनएस की धारा 118(1), 126(2), 296 और 3(5) में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
हमले में गंभीर रूप से घायल तिहारू साहू का उपचार चल रहा था, लेकिन 12 जुलाई 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने मामले में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) का विस्तार किया।
करीब दो महीने में न्यायालय में पेश किया चालान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी जोबी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने तेजी से विवेचना पूरी की। विवेचना के दौरान पुलिस ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए और घटना से जुड़े आवश्यक भौतिक साक्ष्य जुटाकर जब्त किए।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने के भीतर 8 सितंबर 2025 को चालान न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था। इसके बाद मामले की न्यायालयीन कार्यवाही आगे बढ़ी और चालान पेश होने के करीब एक वर्ष के भीतर अदालत ने अपना फैसला सुना दिया।
पुलिस की विवेचना और अभियोजन की पैरवी से मिली दोषसिद्धि
न्यायालय में पुलिस द्वारा प्रस्तुत अभियोग पत्र तथा विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी माना।
अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने:
विकास साहू को आजीवन कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड।
भुनेश्वर साहू को आजीवन कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड।
जानकी साहू को आजीवन कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड।
जया साहू को आजीवन कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड।
की सजा सुनाई।
मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने प्रभावी पैरवी की। वहीं पुलिस की ओर से विवेचना एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी ने मामले को न्यायालय में मजबूती प्रदान की।
एसएसपी के निर्देशों का भी दिखा असर
पुलिस के मुताबिक एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा न्यायालयीन प्रकरणों में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा समंस और वारंट की समयसीमा में तामीली को लेकर लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसी के तहत इस मामले में भी पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय के साथ न्यायालयीन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में साक्ष्यपरक विवेचना, समय पर चालान और प्रभावी अभियोजन पैरवी के परिणामस्वरूप इस हत्याकांड में सभी चार आरोपियों को अदालत से दोषसिद्धि मिली है।
ये हैं दोषसिद्ध आरोपी
विकास साहू, पिता तिहारू साहू, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा।
भुनेश्वर साहू, पिता तेस्स राम, उम्र 38 वर्ष, निवासी तिउर, थाना खरसिया।
जानकी साहू, पति तिहारू साहू, उम्र 45 वर्ष, निवासी कोठीकुंडा।
जया साहू, पति दिलीप साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी भागोड़ीह, थाना खरसिया, वर्तमान पता तिउर।
फैसले के साथ करीब एक साल चली न्यायिक प्रक्रिया का अंत हुआ और तिहारू साहू की हत्या के मामले में चारों दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

