सक्ती, 31 अगस्त 2026। जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सक्ती पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत सोमवार को सक्ती शहर में पूर्व में सट्टा खेलने और खिलाने के मामलों में संलिप्त रहे व्यक्तियों को पुलिस ने बुलाकर कड़ी समझाइश दी। इसके बाद इन्हीं व्यक्तियों को सट्टा विरोधी जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाते हुए पुलिस के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य केवल सट्टा गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपराध से दूर कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और आम नागरिकों को भी सट्टे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना रहा।
पूर्व में सट्टा प्रकरणों में शामिल लोगों को दी कड़ी समझाइश
पुलिस द्वारा पूर्व में सट्टा खेलने एवं सट्टा खिलाने के मामलों में जिन व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए थे, उन्हें बुलाकर विशेष रूप से समझाइश दी गई। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सट्टा खेलना और खिलाना कानूनन अपराध है। इसके साथ ही सट्टे की लत व्यक्ति के आर्थिक और सामाजिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने समझाइश देते हुए कहा कि सट्टे के कारण व्यक्ति आर्थिक संकट में फंस सकता है और कई बार ऐसी गतिविधियां अन्य अपराधों की ओर भी ले जाती हैं। इसलिए सभी संबंधित व्यक्ति भविष्य में सट्टा, जुआ अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से पूरी तरह दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी भूमिका निभाएं।
पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति दोबारा सट्टा खेलते, खिलाते अथवा सट्टा गतिविधियों को बढ़ावा देते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अपराध की पुनरावृत्ति पर गुंडा बदमाश एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने वाले व्यक्तियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पुलिस उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेगी। आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों के आधार पर ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा बदमाश एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक प्रावधानों के तहत जिला बदर की कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस ने कहा कि बार-बार अपराध करने वाले और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा करने वाले व्यक्तियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
समझाइश के बाद सट्टा विरोधी अभियान में शामिल हुए संबंधित व्यक्ति
पुलिस की समझाइश के बाद संबंधित व्यक्तियों ने भविष्य में स्वयं में सुधार करने और सट्टा सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की प्रतिबद्धता जताई। इसके बाद उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर सक्ती शहर में फ्लैग मार्च निकाला।
फ्लैग मार्च के दौरान संबंधित व्यक्तियों ने अपने हाथों में सट्टा विरोधी स्लोगन लिखी पट्टियां, बैनर और पोस्टर लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए लोगों को सट्टे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान सट्टा विरोधी नारों के माध्यम से आम नागरिकों से सट्टे से दूर रहने और अपराध मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की गई।
“सट्टा छोड़ो–परिवार जोड़ो” जैसे नारों से दिया जागरूकता का संदेश
फ्लैग मार्च के दौरान विभिन्न सट्टा विरोधी संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—
“सट्टा छोड़ो–परिवार जोड़ो”
“सट्टे से दूरी–परिवार में खुशहाली”
“सट्टा मुक्त सक्ती–सुरक्षित सक्ती”
“सट्टा अपराध है–इससे दूर रहें”
जैसे नारे शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सट्टा केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार और सामाजिक जीवन भी प्रभावित होता है।
कार्रवाई के साथ सुधार पर भी पुलिस का जोर
सक्ती पुलिस की इस पहल में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सुधारात्मक दृष्टिकोण भी देखने को मिला। पुलिस द्वारा पूर्व में सट्टा प्रकरणों में शामिल रहे लोगों को केवल चेतावनी देने के बजाय उन्हें जागरूकता अभियान से जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।
पुलिस का उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति रोकना, अपराध में संलिप्त व्यक्तियों में सुधार की भावना विकसित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। साथ ही आम नागरिकों को भी सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आम नागरिकों से पुलिस ने की अपील
सक्ती पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सट्टा खेलने या खिलाने वालों का किसी भी प्रकार से सहयोग न करें। आसपास सट्टा या अन्य अवैध गतिविधि संचालित होने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, गुंडा बदमाश एक्ट के तहत कार्रवाई और जिला बदर जैसी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
सक्ती पुलिस का संदेश—“सट्टा मुक्त सक्ती, सुरक्षित एवं जागरूक सक्ती”
सक्ती पुलिस ने अपने अभियान के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध से दूरी बनाकर ही व्यक्ति, परिवार और समाज को सुरक्षित एवं खुशहाल बनाया जा सकता है।
पुलिस का संदेश है—
“सट्टे से दूरी बनाएँ — परिवार एवं समाज में खुशहाली लाएँ।”
“अपराध से तौबा करें — समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।”
“सट्टा मुक्त सक्ती — सुरक्षित एवं जागरूक सक्ती।”
फ्लैग मार्च के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सक्ती डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा, थाना प्रभारी सक्ती निरीक्षक लखनलाल पटेल सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

