शारडा एनर्जी प्लांट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में चला साइबर जागरूकता अभियान, पुलिस ने लोगों को बताए ऑनलाइन ठगी से बचाव के आसान उपाय
रायगढ़ :- 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रायगढ़ पुलिस ने भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के इस पर्व को एक अनूठे सामाजिक संदेश के साथ मनाया। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत रायगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को “साइबर सुरक्षा बंधन” अभियान आयोजित कर आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।

अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को “जागरूकता की राखी” के साथ सेल्फी लेने और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर अपने परिवार, रिश्तेदारों एवं परिचितों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के भावनात्मक संदेश को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए लोगों को डिजिटल ठगी के प्रति सतर्क बनाना रहा।
रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों को छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ से जुड़ने के लिए cgpolice-cyberjaagrutiabhiyaan.com लिंक अथवा सेल्फी फ्रेम में दिए गए QR कोड को स्कैन कर ‘सेल्फी लें’ और उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करने के लिए भी प्रेरित किया।
शारडा एनर्जी प्लांट में कर्मचारियों को साइबर अपराधों की दी जानकारी

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ग्राम बिंजकोट स्थित शारडा एनर्जी प्लांट पहुंचे। यहां उन्होंने प्लांट के अधिकारी एवं कर्मचारियों से संवाद कर वर्तमान समय में सामने आ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।
पुलिस ने कर्मचारियों को बताया कि साइबर ठग लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कई बार ठग स्वयं को बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, बिजली विभाग के कर्मचारी, कूरियर कंपनी के प्रतिनिधि या किसी प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद डर, लालच या किसी आपात स्थिति का हवाला देकर बैंकिंग एवं निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है।
जागरूकता कार्यक्रम में फर्जी KYC अपडेट, इनाम या लॉटरी, नौकरी दिलाने, निवेश में अधिक मुनाफा देने, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, QR कोड के माध्यम से ठगी और सोशल मीडिया आधारित साइबर अपराधों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ने कर्मचारियों से स्पष्ट कहा कि OTP, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड न करने तथा संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने की भी सलाह दी।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर यात्रियों को किया जागरूक
अभियान के दूसरे चरण में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी एवं थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस टीम ने रायगढ़ रेलवे स्टेशन एवं केवडाबाड़ी बस स्टैंड में यात्रियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
पुलिस टीम ने यात्रियों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है। बैंक संबंधी जानकारी, OTP, PIN अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने विशेष रूप से लोगों को सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करने और उनके द्वारा भेजे गए वीडियो कॉल को रिसीव करने से बचने की समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि कई मामलों में साइबर अपराधी वीडियो कॉल या चैट के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर बाद में ब्लैकमेल करने का प्रयास करते हैं।
इसके साथ ही नागरिकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखने, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
“जागरूकता की राखी” के साथ लिया साइबर सुरक्षा का संकल्प
रक्षाबंधन के अवसर पर रायगढ़ पुलिसकर्मियों ने ‘जागरूकता की राखी’ के साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। इस पहल के जरिए आमजन को यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार राखी भाई-बहन के बीच सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है, उसी प्रकार साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता स्वयं और अपने परिवार को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखने का मजबूत माध्यम है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल स्वयं साइबर अपराधों से सतर्क न रहें, बल्कि अपने परिवार के बुजुर्गों, बच्चों और परिचितों को भी ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दें।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार जागरूकता और सतर्कता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें

