मुंगेली/ पूर्व माध्यमिक विद्यालय टेमरी में शिक्षक दिवस के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, विद्यालय के बच्चे इस दिवस को लेकर बहुत उत्साहित नजर आए और उन्होंने शिक्षक शिक्षिकाओं को तिलक लगा, पुष्पगुच्छ व कलम भेंट कर शुभकामनाएं दी इसके उपरांत बच्चों द्वारा शिक्षक एवं शिक्षिका बन क्लास रूम में अध्यापन कार्य कराया गया साथ ही बच्चों ने शिक्षक दिवस के महत्व के ऊपर भाषण, कविता, गीत आदि का मंचन किया। इस अवसर पर छात्रों को निरंतर स्कूल आने प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को लेकर शिक्षक रामपाल सिंह द्वारा अगस्त माह के लिए 6 वी के छात्र घनश्याम साहू, 7 वी की छात्रा हिरामती साहू और 8 वी के छात्र होलीराम साहू को स्टूडेंट ऑफ द मंथ एवार्ड प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया साथ ही अगस्त माह में शतप्रतिशत उपस्थित रहने वाले छात्र-छात्रों को भी सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस मनाने के पीछे के उद्देश्य को बताते हुवे सांस्कृतिक प्रभारी शिक्षक रामपाल सिंह ने कहा कि ‘हमे याद रखना चाहिए कि एक किताब, एक कलम,एक बच्चा,और एक शिक्षक पूरी दुनिया बदल सकते हैं, शिक्षक पर्व मनाने के पीछे का विचार युवा दिमाग और राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका तथा शिक्षण पेशे की गरिमा और शिक्षकों के योगदान को स्वीकार करना है। किसी भी राष्ट्र का आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास उस देश की शिक्षा पर निर्भर करता है, चाणक्य ने स्पष्ट कहा है शिक्षक कभी साधारण नहीं होता, प्रलय और निर्माण उसकी गोद में पलते हैं। प्रधान पाठक उमेश कुमार पांडेय ने इस दिन की महत्वता पर प्रकाश डालते हुवे कहा कि शिक्षक दिवस 1962 से ही प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों को सम्मानित करने और समाज में उनके अमूल्य योगदान को पहचानने के लिए समर्पित है। साथ ही यह दिन शिक्षा के महत्व और हमारे जीवन को आकार देने में शिक्षकों के प्रभाव की भी याद दिलाता है। वरिष्ठ शिक्षक परमेश्वर देवांगन बताया कि समाज में शिक्षक की महत्वता को रेखांकित करते हुए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने लिखा है कि समाज में अध्यापक का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। शिक्षकों की भूमिका सिर्फ शिक्षा देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि वे छात्रों के व्यक्तित्व को विकसित करने, उन्हें जीवन के लिए तैयार करने और समाज में सकारात्मक योगदान करने में मदद करते है। आयोजन के मध्य में वरिष्ठ शिक्षक सबिरुद्दीन सेख और प्रेमदास वैष्णव ने प्रेरक गीत के माध्यम से इस दिन की विशेषता का वर्णन किया। इस अवसर पर प्रधान पाठक उमेश कुमार पांडेय, सबिरुद्दीन सेख, रामपाल सिंह, परमेश्वर देवांगन, प्रेमदास वैष्णव, आशीष सिंह, शिक्षिका लता बंजारे, शालिनी साहू विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं साथ ही जनभागीदारी समूह के सदस्य गण उपस्थित रहे।
हमे याद रखना चाहिए कि एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक पूरी दुनिया बदल सकते हैं! – रामपाल सिंह
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Ashwani Sahu
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