सक्ती/ हसौद :- “कोई मां अपने बेटे को खो दे, यह दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है… लेकिन जब वही बेटा देश के लिए शहीद होता है, तो उसका नाम अमर हो जाता है।”
ऐसे ही एक वीर पुत्र थे शहीद कमलेश साहू, जिनकी याद में मंगलवार को उनके ही ग्राम हसौद में प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह अवसर न केवल श्रद्धांजलि का था, बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक बन गया।
नक्सलियों से लोहा लेते हुए दी शहादत
शहीद कमलेश साहू वर्ष 2023 बैच के छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान थे। ड्यूटी के दौरान नारायणपुर जिले में हुए एक नक्सली IED ब्लास्ट में उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। घटना उस समय हुई जब सुरक्षाबलों की टीम नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पर थी। कमलेश साहू ने अंतिम सांस तक अपने कर्तव्य का पालन करते हुए वीरगति प्राप्त की।
उपमुख्यमंत्री ने किया अनावरण
शहीद की प्रतिमा का अनावरण शासकीय महाविद्यालय हसौद के पास प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामवासी और शहीद के माता-पिता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा—
> “कमलेश जैसे बेटे हर गांव में नहीं जन्म लेते। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है। हमारी सरकार हर शहीद को सम्मानित करने और उनके परिवार के साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है।”
माता-पिता का सम्मान, गांव की आंखें नम
कार्यक्रम के दौरान जब शहीद कमलेश साहू के माता-पिता को मंच पर सम्मानित किया गया, तो पूरा वातावरण भावुक हो उठा। मां की आंखों में आंसू थे, लेकिन बेटे की शहादत पर गर्व भी झलक रहा था।
उपमुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा देशभक्ति के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

