धरमजयगढ़ :- विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत पुटूकछार में खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर नदी में बना रपटा पुल इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। लगातार चार दिनों से नदी का पानी रपटा पुल के ऊपर से बह रहा है, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहीं ग्रामीणों का गांव से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
बता दें,ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ते ही रपटा पुल पानी में डूब जाता है। वर्तमान में लगातार चार दिनों से पुल के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन बाधित है। इससे सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। पढ़ाई प्रभावित होने से बच्चों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
वहीं संबंध में ग्राम पंचायत के उपसरपंच भुनेश्वर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से संबंधित शिकायत पिछले वर्ष भी आपदा प्रबंधन अधिकारी सहित संबंधित उच्च अधिकारियों, विधायक तथा मुख्यमंत्री समाधान शिविर तक की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस विभागीय पहल नहीं हुई है।
राशन सामग्री पहुंचने को लेकर भी चिंता..
लगातार आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों के सामने अब जरूरी सामान और शासकीय राशन सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है। ग्रामीणों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तथा रपटा लंबे समय तक डूबा रहा, तो ग्राम पंचायत तक शासकीय राशन सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं कैसे पहुंचेंगी?
चार दिन से स्कूल नहीं जा पाए बच्चे, छलका दर्द
आगे बता दें,रपटा पुल पर पानी भरने का सबसे गहरा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। बच्चों ने भावुक होकर बताया कि नदी में पानी बढ़ने के कारण वे लगातार चार दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह स्कूल छूटता रहा तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और वे अन्य विद्यार्थियों से पीछे रह जाएंगे। वहीं बच्चों की बातों में पढ़ाई छूटने की चिंता साफ दिखाई दी। अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर बात करते हुए कई बच्चों की आंखें नम नजर आईं। यह दृश्य बताता है कि एक पुल पर बढ़ा जलस्तर किस तरह बच्चों के भविष्य की राह में भी बाधा बन सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या दोहराती है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही रपटा पुल डूब जाता है और गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में आवागमन, शिक्षा और आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
बहरहाल, नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच पुटूकछार के ग्रामीण शासन-प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। सवाल अब केवल आवागमन का नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों और गांव के सुचारु संपर्क का भी है। देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या को कब तक संज्ञान में लेकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाता है।

