खरसिया :- खरसिया चौकी क्षेत्र के ग्राम मौहापाली में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आपसी रंजिश के चलते दो आरोपियों ने मिलकर चपले गांव के युवक नंदू पटेल को पहले लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और अचेत होने के बाद उस पर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। करीब 90 प्रतिशत तक झुलसे युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
रात के अंधेरे में हुई हैवानियत
सोमवार देर रात हुई इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। जानकारी के अनुसार, कथित पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने नंदू पटेल को घेर लिया और तब तक मारपीट की जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद आरोपियों ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए घायल युवक को आग के हवाले कर दिया।
गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह लगभग 90 प्रतिशत तक जल चुका था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
टीआई अमित तिवारी का रैपिड एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही खरसिया चौकी प्रभारी अमित तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार बताया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है।
पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह?
प्रारंभिक जांच में आपसी विवाद और पुरानी दुश्मनी की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस आधिकारिक तौर पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द पूरे मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
गांव में दहशत और आक्रोश
घटना के बाद मौहापाली और आसपास के गांवों में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि 10 फरवरी को उन्होंने पुलिस चौकी में गांव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवेदन दिया था। बीट प्रभारी की नियुक्ति के बावजूद क्षेत्र में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। कुछ ग्रामीणों ने बीट प्रभारी पर वसूली और लापरवाही के भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने खरसिया क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या व्यक्तिगत दुश्मनी अब इस कदर खतरनाक हो चुकी है? क्या फरार आरोपी जल्द पुलिस गिरफ्त में आएगा?अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन और एसपी शशि मोहन सिंह की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

