खरसिया :- खरसिया वन परिक्षेत्र के ग्राम कूकरीचोली में जंगली सूअर के शिकार का मामला सामने आया है। यहां जंगली सूअर का शिकार करने के बाद उसके मांस को घर में पकाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रायगढ़ वन विभाग की उड़नदस्ता टीम और खरसिया वन विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर एक युवक को मांस पकाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान मौके से मांस के कुल 378 टुकड़े बरामद किए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम कूकरीचोली में जंगली सूअर का शिकार कर उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उड़नदस्ता टीम ने तत्काल खरसिया वन विभाग की टीम के साथ समन्वय स्थापित किया और ग्राम कूकरीचोली पहुंचकर संदिग्ध के घर दबिश दी।
इस दौरान घर में विजय राठिया पिता जनक राम राठिया, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम कूकरीचोली, तहसील खरसिया को कथित तौर पर जंगली सूअर का मांस पकाते हुए पाया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया और आगे की कार्रवाई के लिए खरसिया वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया।

मांस के 378 टुकड़े बरामद, जांच के लिए भेजा गया सैंपल
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने मौके से मांस के कुल 378 टुकड़े बरामद किए। बरामद मांस की वास्तविक पहचान और पुष्टि के लिए पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों की टीम ने सैंपल एकत्रित कर उसे प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। अब लैब रिपोर्ट आने के बाद मांस की प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।

तीन अन्य व्यक्तियों के शामिल होने की बात आई सामने
वन विभाग के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी विजय राठिया ने कथित रूप से स्वीकार किया कि जंगली सूअर का शिकार करने की घटना में उसके साथ तीन अन्य व्यक्ति भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 51 एवं 52 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की है। विभागीय कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में पीओआर क्रमांक N 7566/03, दिनांक 06 नवंबर 2026 दर्ज किया गया है।
संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई के दौरान खरसिया वन परिक्षेत्र अधिकारी लीला पटेल, रायगढ़ उड़नदस्ता टीम के सहायक अधिकारी संदीप नामदेव, पशु चिकित्सा विभाग की टीम तथा खरसिया वन परिक्षेत्र के समस्त वनकर्मी मौजूद रहे।
वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार के विरुद्ध विभाग की सक्रियता सामने आई है। वहीं, मामले में कथित रूप से शामिल अन्य तीन व्यक्तियों की भूमिका और बरामद मांस की प्रजाति को लेकर जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

