खरसिया के युवा साथियों ने चार प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए मांगा आशीर्वाद
खरसिया :- खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दर्रामुड़ा निवासी युवा नेता मुकेश पटेल अपने युवा साथियों के साथ राजस्थान और मध्यप्रदेश की धार्मिक यात्रा पर निकले। इस दौरान उन्होंने राजस्थान के प्रसिद्ध श्री खाटूश्याम धाम और श्री सांवलिया सेठ मंदिर तथा मध्यप्रदेश के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन और श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस धार्मिक यात्रा में युवा नेता मुकेश पटेल के साथ गिरीश राठिया, लव पटेल, हिन्दू पटेल, नरेंद्र पटेल, हरी लाल पटेल सहित अन्य साथी शामिल रहे। सभी ने अपने परिवार, मित्रों और खरसिया विधानसभा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए भगवान के चरणों में शीश नवाया।

राजस्थान में बाबा श्याम और सांवलिया सेठ के दरबार में लगाई हाजिरी
खाटूश्याम धाम में किए दर्शन – यात्रा की शुरुआत 29 अक्टूबर को उसलापुर रेलवे स्टेशन से हुई। सभी साथी ट्रेन से जयपुर पहुंचे और वहां से खाटूश्याम धाम के लिए रवाना हुए। 30 अक्टूबर की संध्या खाटूधाम पहुंचकर संध्या आरती से पहले बाबा खाटूश्याम के दर्शन किए। सभी ने बाबा के दरबार में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया और रात्रि विश्राम किया। इसके बाद 31 अक्टूबर की सुबह एक बार फिर बाबा श्याम के दर्शन किए और श्रृंगार आरती में शामिल हुए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा खाटूश्याम को हारे का सहारा और भगवान श्रीकृष्ण के कलियुग अवतार के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें जीवन में कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। इसी आस्था के साथ मुकेश पटेल और उनके साथियों ने अपने परिवार की खुशहाली और सभी के मंगलमय जीवन की कामना की।
श्री सांवलिया सेठ के दरबार में मांगा आशीर्वाद – खाटूश्याम धाम में दर्शन के बाद 31 अक्टूबर की संध्या सभी साथी राजस्थान के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर पहुंचे। यहां भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। धार्मिक मान्यताओं में सांवलिया सेठ को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है। भक्तों की गहरी आस्था है कि सांवलिया सेठ अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। सभी ने अपने परिवार और क्षेत्र की उन्नति तथा खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
दिल्ली के निजी कार्यक्रम में भी हुए शामिल
यात्रा के बीच दिल्ली पहुंचे साथी – धार्मिक यात्रा के दौरान 01 नवंबर को सभी साथी दिल्ली में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा आगे बढ़ाई और मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के लिए रवाना हुए।
मध्यप्रदेश में महाकाल और ओंकारेश्वर के किए दर्शन
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में लगाई हाजिरी – 01 नवंबर की संध्या सभी साथी बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचे। यहां विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद सभी ने उज्जैन में रात्रि विश्राम किया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि बाबा महाकाल अपने भक्तों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति का आशीर्वाद देते हैं। महाकाल के दरबार में पहुंचकर सभी ने अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन के साथ यात्रा का समापन – 02 नवंबर की सुबह सभी साथी मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचे। नर्मदा नदी के पावन तट पर स्थित भगवान ओंकारेश्वर के मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद मांगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ओंकारेश्वर भी भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। मान्यता है कि यहां श्रद्धा और भक्ति के साथ दर्शन-पूजन करने से भक्तों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ओंकारेश्वर में दर्शन के दौरान सभी ने अपने परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बने रहने की प्रार्थना की।
इस तरह राजस्थान के खाटूश्याम धाम और सांवलिया सेठ से लेकर मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर तक की यह धार्मिक यात्रा आस्था और भक्ति के साथ पूरी हुई। इसके बाद सभी साथी उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से घर वापसी के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान चारों प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर सभी ने इसे अपने जीवन का यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बताया।

