ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद हुई 16 वर्षीय बालिका, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल जब्त — रैरूमाखुर्द पुलिस की त्वरित कार्रवाई
रायगढ़ :- 13 अक्टूबर 2026। महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत रैरूमाखुर्द पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और शादी का प्रलोभन देकर कथित रूप से शारीरिक शोषण करने के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से सकुशल बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रात में घर से लापता हुई थी बालिका, पिता की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को बालिका के पिता ने पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 सितंबर की रात करीब 9 बजे भोजन करने के बाद परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। उनकी 16 वर्षीय बेटी भी अपने कमरे में सोई हुई थी, लेकिन अगली सुबह वह कमरे में नहीं मिली।
परिजनों ने बालिका की आसपास तलाश की, रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर बालिका को ले जाने की आशंका पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर ओडिशा पहुंची पुलिस टीम
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली कि लापता बालिका ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर थाना क्षेत्र अंतर्गत रेगारपानी, भोगराकछार निवासी परमानंद कंवर के पास है और वह उसे अपने घर में रखे हुए है।
सूचना मिलते ही पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक भेनानसियुस खेस और महिला आरक्षक ज्योति के साथ ओडिशा के रेगारपानी के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर आरोपी के घर की तलाश की, जहां बालिका मिल गई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो चुका था।
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में बालिका को सकुशल बरामद किया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से बालिका का कथन दर्ज कराया गया। काउंसलिंग और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
शादी का प्रलोभन देकर ले जाने और शारीरिक शोषण का आरोप
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के कथन में सामने आया कि आरोपी परमानंद कंवर उसे शादी करने का प्रलोभन देकर मोटरसाइकिल से ओडिशा के रेगारपानी ले गया था। आरोप है कि वहां अपने घर में रखकर उसने बालिका का लगातार शारीरिक शोषण किया।
पीड़िता के कथन के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के निर्देश पर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद आरोपी परमानंद कंवर, पिता छवि कंवर, उम्र 34 वर्ष, निवासी रेगारपानी के विरुद्ध प्रकरण में धारा 62(2)(ड) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी गईं।
गांव के मुख्य मार्ग पर मोटरसाइकिल समेत पकड़ा गया आरोपी
बालिका की बरामदगी के बाद से ही पुलिस फरार आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के संबंध में जानकारी मिली, जिसके आधार पर उसे उसके गांव के मुख्य मार्ग पर पल्सर मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया गया।
हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, ऐसा पुलिस ने बताया। पुलिस ने गवाहों के समक्ष घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AW 1784 को जब्त कर लिया। विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में की गई।
पूरे मामले में बालिका की सकुशल बरामदगी, पीड़िता का कथन दर्ज कराने, आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराने और फरार आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द के प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव तथा उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ‘अभियान संवेदना’ के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

