सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था पर उठाए सवाल; भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी
खरसिया :- नगरवासियों को सड़क, पानी, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका परिषद खरसिया के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तीखा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने अपने पूर्व ज्ञापन दिनांक 3 जून 2026 का हवाला देते हुए कहा कि शिकायतों और मांगों के बावजूद नगर की मूलभूत व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

कांग्रेस के अनुसार, नगर के कई वार्डों में लंबे समय से सड़कें जर्जर हैं, जगह-जगह गड्ढे हैं, नियमित सफाई नहीं हो रही है, कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है और पेयजल के लिए इस्तेमाल होने वाले बोर खराब पड़े हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण आम नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य सड़कों से लेकर वार्डों की गलियों तक बदहाल स्थिति का आरोप
ज्ञापन में कांग्रेस ने शहर की प्रमुख सड़कों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि रेलवे स्टेशन से गांधी चौक तक की सड़क कई स्थानों पर खराब है और अग्रसेन भवन के आगे बड़े गड्ढे हो गए हैं। वहीं गांधी चौक से राठौर चौक होते हुए हेमू कल्याणी चौक तक सड़क की स्थिति खराब होने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा पोस्ट ऑफिस से बस्ती चौक होते हुए सब्जी मार्केट तक की सड़क तथा विभिन्न वार्डों की अंदरूनी सड़कें भी खराब होने की बात ज्ञापन में कही गई है। कांग्रेस ने विशेष रूप से हमालपारा के वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां आवागमन तक मुश्किल हो गया है।
सफाई व्यवस्था पर भी सवाल, गंदगी और कचरे के ढेर का आरोप
कांग्रेस ने नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगर पालिका पर निशाना साधा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कई वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और नियमित झाड़ू-सफाई नहीं होने से गंदगी की स्थिति बनी हुई है।
पुरानी बस्ती, ठाकुरदिया, हमालपारा और गंज क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन इलाकों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। पार्टी ने गंदगी के कारण मच्छरों और बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई है तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्ट्रीट लाइट के अभाव में वार्डों में अंधेरा होने का आरोप
ज्ञापन में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि कई वार्डों के बिजली खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रात के समय अंधेरा रहता है। पार्टी ने नगर पालिका से खराब एवं बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने तथा जहां आवश्यकता है वहां नई लाइट लगाने की मांग की है।
छह महीने से खराब बोरों की मरम्मत नहीं होने का दावा
पेयजल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भागीरथी कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं, वहां लंबे समय से नगर पालिका के बोर के माध्यम से पेयजल व्यवस्था की जाती रही है। लेकिन पार्टी का दावा है कि पिछले करीब छह महीनों से खराब पड़े बोरों की मरम्मत का काम प्रभावित है, जिसके चलते कई वार्डों में पेयजल व्यवस्था को लेकर परेशानी बनी हुई है।
कांग्रेस ने मांग की है कि सभी खराब बोरों का सर्वे कराकर तत्काल मरम्मत कराई जाए और जिन क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गंभीर है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
तालाब, कुएं और विकास कार्यों को लेकर भी गंभीर आरोप
ज्ञापन में कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि तालाबों और कुओं की स्थिति तथा तालाबों के आकार में कथित बदलाव को लेकर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही तालाब की सफाई के नाम पर कथित तौर पर बार-बार भुगतान किए जाने की जांच होनी चाहिए।
इसके साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि कई निर्माण कार्य कथित रूप से गुणवत्ताहीन हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि थोड़ी देर की बारिश में ही नालियों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति खराब हो जाती है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ऑडिटोरियम को लेकर भी कांग्रेस ने गंभीर वित्तीय एवं निर्माण संबंधी आरोप लगाए हैं और इन कार्यों की पारदर्शी जांच की मांग की है।
“बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं तो आंदोलन करेंगे”
कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगरवासियों को सड़क, पानी, सफाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आम जनता के साथ आंदोलन करेगी।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगरवासियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बुनियादी सुविधाओं और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका परिषद इन आरोपों और शिकायतों पर क्या कार्रवाई करती है और शहर की जर्जर सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट तथा पेयजल जैसी समस्याओं के समाधान के लिए जमीन पर कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

