रायगढ़ में जिला कांग्रेस की प्रेसवार्ता, कहा—परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी सार्वजनिक करे आयोग; युवाओं के हित में निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग
रायगढ़ :- 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2025 की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। रायगढ़ कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण एवं शहर के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा की पारदर्शिता, मूल्यांकन प्रक्रिया और साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चयन को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
प्रेसवार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण एवं शहर के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी एवं शाखा यादव ने संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला, दीपक पांडेय, पूर्व विधायक प्रकाश नायक, नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया, प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल, विकास ठेठवार, पूर्व महामंत्री विकास शर्मा, प्रवक्ता हरेराम तिवारी, तारेन डनसेना, रिंकी पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, आशीष चौबे, सोनू पुरोहित, अनुराग गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
1:3 अनुपात को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से राज्य सेवा परीक्षा-2025 में मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर सवाल उठाया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 265 पदों के लिए 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि 1:3 के अनुपात के आधार पर 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि आयोग स्पष्ट करे कि निर्धारित संख्या की तुलना में कम अभ्यर्थियों का साक्षात्कार के लिए चयन किन नियमों और मानकों के आधार पर किया गया।
हालांकि, CGPSC की ओर से पूर्व में जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि 795 के बजाय 608 अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किसी तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण नहीं हुआ, बल्कि कई अभ्यर्थियों द्वारा प्रत्येक प्रश्न-पत्र में निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण संख्या कम हुई। आयोग के अनुसार अनारक्षित वर्ग के लिए प्रत्येक प्रश्न-पत्र में 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत न्यूनतम अंक निर्धारित हैं।
सही और गलत उत्तरों के मूल्यांकन पर भी सवाल
प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने दावा किया कि कुछ मामलों में समान अथवा सही उत्तरों के लिए अलग-अलग अंक दिए गए, जबकि कुछ उदाहरणों में गलत उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों को भी अंक मिलने की बात सामने आई है।
कांग्रेस ने मांग की कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित प्रक्रिया, मॉडल उत्तर, मूल्यांकन के मानदंड और आपत्तियों के निराकरण की व्यवस्था को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया जाए। कांग्रेस ने कहा कि जब हजारों अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत और आर्थिक संसाधन लगाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तब मूल्यांकन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
इसी तरह के मूल्यांकन संबंधी आरोपों को लेकर प्रदेश स्तर पर भी कांग्रेस ने CGPSC की परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से अलग-अलग उत्तरपुस्तिकाओं के उदाहरण प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया
जिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ी होती हैं। अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करते हैं और कोचिंग, किताबों, आवास तथा अन्य संसाधनों पर बड़ी राशि खर्च करते हैं। ऐसे में परीक्षा से जुड़े नियमों, मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अस्पष्टता अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर सकती है।
कांग्रेस ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक निर्णय की जानकारी अभ्यर्थियों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की शंका की स्थिति न रहे।
आयोग से पारदर्शी स्पष्टीकरण की मांग
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने मांग की कि CGPSC परीक्षा से संबंधित उठ रही आपत्तियों पर आयोग और सरकार सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करें। पार्टी नेताओं ने विशेष रूप से मूल्यांकन प्रक्रिया, अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों, न्यूनतम अर्हकारी अंकों तथा साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या से जुड़े नियमों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी।
CGPSC की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य सेवा परीक्षा-2025 के साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या 608 है और साक्षात्कार 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की जानकारी जारी की गई थी।
कांग्रेस बोली—शंकाओं का समाधान जरूरी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान आधिकारिक जानकारी और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर के मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक एवं वैधानिक माध्यमों से अपनी बात सरकार और आयोग के समक्ष रखेगी।
फिलहाल CGPSC की ओर से 608 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार चयन को लेकर न्यूनतम अर्हकारी अंकों का हवाला देते हुए स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। ऐसे में अब कांग्रेस की मांगों और आयोग के स्पष्टीकरण के बीच उठे सवालों पर अभ्यर्थियों की नजर आयोग की आगे की आधिकारिक कार्रवाई पर है।

