धरमजयगढ़ :- प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर SECL ओपन कोल ब्लॉक के विरोध में धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों ने शुक्रवार, 11 सितंबर को बड़ी संख्या में लामबंद होकर अपनी आवाज बुलंद की। भूमि बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित जनसभा और विशाल रैली में ग्रामीणों ने प्रस्तावित कोयला खदान के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, जंगल, जमीन, खेती और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। जनसभा के बाद निकली विशाल रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और प्रभावितभूमि बचाव संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के अनुसार प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
1677 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का विरोध
भूमि बचाव संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के अनुसार प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर ओपन कोल ब्लॉक का क्षेत्रफल लगभग 1677 हेक्टेयर है। इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित परियोजना से क्षेत्र के अनेक किसान और ग्रामीण परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि SECL की ओर से परियोजना से जुड़ी प्रक्रिया को पर्याप्त पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और प्रशासन का ध्यान इस पूरे मामले की ओर आकर्षित करने के लिए जनसभा एवं रैली का आयोजन किया।
दुर्गा मंच पर हुई जनसभा, फिर निकली विशाल रैली
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 11 बजे धरमजयगढ़ के क्लब ग्राउंड स्थित दुर्गा मंच पर जनसभा से हुई। यहां संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और प्रभावित ग्रामीणों ने प्रस्तावित कोयला परियोजना से होने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपनी बात रखी।
जनसभा के बाद दोपहर करीब 2 बजे राजा गेट से विशाल रैली निकाली गई। रैली गांधी चौक, बस स्टैंड और पोस्ट ऑफिस रोड होते हुए रायगढ़ रोड स्थित SDM कार्यालय पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों और विरोध को सामने रखा।
रैली में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दिया कि प्रस्तावित कोल ब्लॉक को लेकर क्षेत्र में विरोध लगातार मजबूत हो रहा है।
प्रशासन से पारदर्शिता और ग्रामीणों के हितों की रक्षा की मांग
आयोजकों ने बताया कि जनसभा और रैली के आयोजन के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, धरमजयगढ़ को पूर्व में आवेदन दिया गया था। निर्धारित समय, मार्ग और प्रशासन द्वारा तय मापदंडों के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति ली गई थी।
रैली के दौरान ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिनिधिमंडल द्वारा SDM कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कोल ब्लॉक और भूमि अधिग्रहण से संबंधित अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखी गईं।
“जल, जंगल और जमीन की रक्षा तक जारी रहेगा संघर्ष”
ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीण परिवारों की चिंताओं और आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा किसी भी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने इस दौरान एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों पर उचित पहल नहीं होती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। भूमि बचाव संघर्ष समिति ने भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित दुर्गापुर-शाहपुर ओपन कोल ब्लॉक के विरोध में उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

