रायगढ़ :- 12 सितंबर 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने चेक बाउंस के 15 अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी सरोज कुमार बेहरा को ओडिशा के झारसुगुड़ा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
15 मामलों में जारी था स्थायी वारंट
कोतवाली पुलिस के अनुसार सरोज कुमार बेहरा, पिता सुनील बेहरा, निवासी सागरपाली, थाना रेंगाली, तहसील लखनपुर, जिला झारसुगुड़ा (ओडिशा) के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायगढ़ के न्यायालय में चेक बाउंस से संबंधित अलग-अलग 15 शिकायतें लंबित थीं। इन मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत न्यायालयीन कार्रवाई चल रही थी।
बताया गया कि आरोपी की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पहले समंस जारी किए गए। इसके बाद गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ, लेकिन आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसके खिलाफ 15 स्थायी वारंट जारी कर दिए थे। इसके बाद से कोतवाली पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
झारसुगुड़ा बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर पकड़ा
“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी ने फरार स्थायी वारंटियों की सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सरोज कुमार बेहरा झारसुगुड़ा क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना की पुष्टि के बाद कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल झारसुगुड़ा रवाना हुई। वहां पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे रायगढ़ लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वाहन फाइनेंस कर किस्त भुगतान के लिए जारी करता था चेक
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से वाहन फाइनेंस करवाता था। वाहन की किस्तों के भुगतान के लिए वह चेक जारी करता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को अपने बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी होने के बावजूद चेक जारी करने का सिलसिला जारी रहा।
बाद में संबंधित चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर पर्याप्त राशि के अभाव में बाउंस हो गए। इसके बाद संबंधित पक्षों ने न्यायालय में शिकायतें दायर कीं और आरोपी के खिलाफ धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत प्रकरण चले। न्यायालय के समंस और वारंट की लगातार अवहेलना के बाद उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए।
चोरी के मामले में फरार स्थायी वारंटी भी धरमजयगढ़ से गिरफ्तार
“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में चोरी के मामले में फरार स्थायी वारंटी हेमंत दास महंत को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार हेमंत दास महंत, पिता अशोक दास महंत, निवासी जेलपारा धरमजयगढ़, वर्तमान पता छोटे अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर के विरुद्ध चोरी के मामले में दो स्थायी वारंट लंबित थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
पतासाजी के दौरान उसके धरमजयगढ़ क्षेत्र में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
दोनों स्थायी वारंटियों की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक हेमंत चंद्रा, आरक्षक कमलेश यादव एवं आरक्षक प्रताप बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस द्वारा फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाया जा रहा “ऑपरेशन क्लीन हंट” लगातार जारी है।

