बंधन बैंक में कार्यरत रहते आरोपी ने साथी के साथ मिलकर राशि आपस में बांटकर उपयोग करने की बात स्वीकारी, मृत दर्शाकर बीमा राशि प्राप्त करने का भी किया गया प्रयास
सक्ती :- 29 अगस्त 2026। बंधन बैंक के लोन खाते में जमा की जाने वाली 1 लाख 42 हजार 550 रुपये की राशि बैंक खाते में जमा नहीं करने, धोखाधड़ी एवं गबन के मामले में थाना सक्ती पुलिस ने फरार आरोपी कमलेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद से फरार था और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे अभिरक्षा में लिया और पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मोनीष देवांगन पिता पुरुषोत्तम देवांगन, उम्र 24 वर्ष, निवासी झुलकदम, सक्ती ने थाना सक्ती में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि बंधन बैंक सक्ती में लोन की राशि के रूप में ₹1,42,550 जमा किए जाने के बावजूद यह राशि बैंक खाते में जमा नहीं की गई। इसके साथ ही खाता धारक को मृत दर्शाकर बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से राशि प्राप्त कर बैंक खाता बंद करने का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
रिपोर्ट के आधार पर थाना सक्ती में अपराध क्रमांक 221/2024, धारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू की गई।
साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर अपराध प्रमाणित
प्रकरण में पुलिस अधीक्षक प्रफ्फुल कुमार ठाकुर (भापुसे) के दिशा-निर्देशों के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल (रापुसे) तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में विवेचना की गई।
विवेचना के दौरान प्रार्थी एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए तथा उपलब्ध दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कमलेश सिंह पिता श्रीराम सिंह, उम्र 31 वर्ष, निवासी जावलपुर, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाया गया।
घटना के बाद से फरार था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी कमलेश सिंह घटना के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस की विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से आरोपी के अपने सकुनत जावलपुर, थाना बलौदा में मौजूद होने की सूचना प्राप्त हुई।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने जावलपुर में दबिश देकर आरोपी कमलेश सिंह को अभिरक्षा में लिया।
साथी के साथ मिलकर राशि बांटने की बात स्वीकारी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने मेमोरण्डम कथन में बताया कि वह बंधन बैंक सक्ती में कार्यरत रहने के दौरान पुरुषोत्तम देवांगन एवं उर्मिला देवांगन के संयुक्त बैंक खाते में जमा होने वाली ₹1,42,550 की लोन राशि को बैंक खाते में जमा नहीं किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि उक्त राशि को उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर आपस में बांट लिया और उपयोग किया। आरोपी के कथन के मुताबिक, राशि जमा किए जाने संबंधी रसीद खाता धारक को प्रदान की गई थी, जबकि वास्तविक रूप से राशि बैंक खाते में जमा नहीं की गई।
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि खाता धारक उर्मिला देवांगन को मृत दर्शाने संबंधी दस्तावेज का उपयोग कर राशि को बैंक खाते में जमा नहीं करने तथा बीमा कंपनी से राशि प्राप्त कर खाता बंद करने का प्रयास किया गया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी के कथन तथा विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उसकी धोखाधड़ी एवं आपराधिक कृत्य में संलिप्तता पाए जाने पर कमलेश सिंह को 28 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विवेचना में उनकी संलिप्तता सामने आने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

