बुझ गया घर का आखिरी चिराग, एकलौते बेटे की मौत से परिवार में पसरा मातम
रायगढ़ :- सावन सोमवार के दिन रायगढ़ शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सोमवार को लगभग 11 बजे बायपास रोड स्थित टीवीएस शोरूम के पास तेज रफ्तार भारी वाहन (हाईवा) की चपेट में आने से 21 वर्षीय युवक छवि साव, निवासी कोड़ातराई, पिता हेमसाव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, छवि साव अपने रोजमर्रा के काम के सिलसिले में मोटरसाइकिल से रायगढ़ की ओर गया था। इसी दौरान बायपास मार्ग पर तेज रफ्तार से दौड़ रहे हाईवा वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि युवक को वाहन काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
एकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
छवि साव अपने परिवार का एकलौता पुत्र और घर का आखिरी चिराग बताया जा रहा है। जवान बेटे की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक सामान्य दिन अपने काम के लिए घर से निकला युवक वापस नहीं लौट सका।
सावन सोमवार, कोसमनारा धाम में भीड़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल
सावन सोमवार के अवसर पर कोसमनारा बाबा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। इसके चलते रायगढ़-बायपास क्षेत्र में भी यातायात का दबाव बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसे व्यस्त धार्मिक अवसर पर भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
हादसे के बाद लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि भीड़भाड़ वाले दिन और धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। यदि भारी वाहनों के लिए प्रतिबंध या नो-एंट्री व्यवस्था लागू थी, तो संबंधित वाहन उस मार्ग पर कैसे पहुंचा—यह भी जांच का विषय है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों के संचालन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की निगरानी, नो-एंट्री का पालन और यातायात नियंत्रण को लेकर सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 21 वर्षीय छवि साव की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या भारी वाहन की रफ्तार, चालक की लापरवाही या यातायात व्यवस्था की कमी इस हादसे की वजह बनी? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
परिवार को न्याय और व्यवस्था में सुधार की मांग
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश और शोक का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सावन सोमवार जैसे भीड़भाड़ वाले अवसरों पर बायपास और प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
एक मां-बाप का जवान और एकलौता बेटा घर से निकला था, लेकिन घर लौटकर नहीं आया। इस दर्दनाक हादसे ने सिर्फ एक जिंदगी नहीं छीनी, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य और उसका आखिरी सहारा भी छीन लिया। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर यातायात व्यवस्था में कितना सुधार करता है।

