तमनार, भूपदेवपुर, खरसिया, धरमजयगढ़ और पूंजीपथरा पुलिस ने वित्तीय संस्थानों में चलाया जागरूकता अभियान — सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन को लेकर दी अहम जानकारी
रायगढ़ :- 24 अगस्त 2026। जिले में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों को लगातार साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत सोमवार को तमनार, भूपदेवपुर, खरसिया, धरमजयगढ़ और पूंजीपथरा पुलिस की टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में पहुंचकर आम नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया।
पुलिस टीमों ने बैंकिंग कार्यों के लिए पहुंचे लोगों से संवाद करते हुए उन्हें सुरक्षित बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन और डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देते हुए कहा कि लेन-देन के दौरान सतर्कता और गोपनीय जानकारी की सुरक्षा ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
अलग-अलग बैंकों में आयोजित किए गए जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने बैंक परिसरों में पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया।
- थाना तमनार पुलिस ने अपेक्स बैंक एवं एसबीआई बैंक में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
- थाना भूपदेवपुर पुलिस ने चपले ग्रामीण बैंक में बैंक ग्राहकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।
- थाना धरमजयगढ़ पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक में नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों से सावधान किया।
- थाना पूंजीपथरा पुलिस ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में जागरूकता अभियान चलाया।
- थाना खरसिया पुलिस की टीम ने भी क्षेत्र में बैंकिंग कार्य के लिए पहुंचे नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।
OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को विशेष रूप से समझाया कि बैंक खाते से संबंधित किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी बनकर साइबर अपराधी लोगों को फोन कर OTP, ATM PIN, UPI PIN, CVV, बैंक खाता संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय विवरण मांग सकते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी जानकारी को साझा नहीं करना चाहिए।
पुलिस ने नागरिकों को फर्जी कॉल, SMS और सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे जाने वाले संदिग्ध संदेशों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करने और बिना जानकारी के किसी भी QR कोड को स्कैन नहीं करने की समझाइश दी गई।
बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वालों से रहें सावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इनमें बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार अथवा किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर फोन करना और डर या लालच पैदा करके तत्काल पैसे ट्रांसफर करवाना शामिल है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि बैंक अथवा किसी भी संस्था के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या अधिकृत माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत
पुलिस टीमों ने नागरिकों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत किए जाने से ठगी की गई रकम को रोकने या उसकी रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।
रायगढ़ पुलिस के इस विशेष जागरूकता अभियान के दौरान विभिन्न बैंकों में पहुंचे करीब 800 नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक किया गया।
रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें, अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित बैंक को दें। साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

