CEIR पोर्टल और डिजिटल ट्रैकिंग से बिहार, ओडिशा, कोलकाता समेत कई राज्यों तक पहुंची पुलिस की टीम; मोबाइल वापस पाकर खिले 150 परिवारों के चेहरे
रायगढ़:- 24 अगस्त 2026। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश में रायगढ़ पुलिस की साइबर टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पिछले तीन महीनों के दौरान तकनीकी संसाधनों, CEIR पोर्टल और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से 150 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक सहित साइबर पुलिस टीम की मौजूदगी में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। लंबे समय से मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के हाथ जब उनका फोन वापस आया तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। कई लोगों ने पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम का आभार जताया।
CEIR पोर्टल बना मोबाइल तलाशने का प्रभावी माध्यम
रायगढ़ पुलिस द्वारा गुम मोबाइलों की तलाश के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का लगातार उपयोग किया जा रहा है। मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता द्वारा CEIR पोर्टल पर मोबाइल का विवरण और IMEI नंबर दर्ज किया जाता है। इसके बाद मोबाइल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू होती है और उसके दोबारा नेटवर्क पर सक्रिय होने की स्थिति में तकनीकी जानकारी पुलिस को प्राप्त हो सकती है।
यदि कोई व्यक्ति गुम हुए मोबाइल में दूसरी सिम डालकर उसका इस्तेमाल करता है, तो टेलीकॉम नेटवर्क से मिलने वाली जानकारी के आधार पर साइबर पुलिस मोबाइल की गतिविधियों का विश्लेषण करती है। इसके माध्यम से मोबाइल के इस्तेमाल की जानकारी और संबंधित उपयोगकर्ता तक पहुंचने में मदद मिलती है। टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग से पुलिस इसके बाद मोबाइल को बरामद कर वास्तविक मालिक तक पहुंचाती है।
तीन महीने में 150 मोबाइल ट्रेस और रिकवर
साइबर डीएसपी शिखर मरावी के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में साइबर पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल से प्राप्त शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की। तीन महीने के अभियान में 150 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किए गए।
बरामद किए गए मोबाइल रायगढ़ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर सहित अन्य स्थानों में उपयोग किए जा रहे थे। वहीं जिले के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्रों से भी मोबाइल बरामद किए गए।
तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मोबाइल उपयोगकर्ताओं से संपर्क किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल वापस प्राप्त किए। सत्यापन के पश्चात सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए।
Vivo से OnePlus और Samsung तक महंगे मोबाइल बरामद
साइबर पुलिस द्वारा बरामद मोबाइलों में Vivo, Oppo, Redmi, Poco, Realme, OnePlus, Samsung और Motorola सहित विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। 150 मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37.50 लाख रुपये से अधिक है।
मोबाइल वापस मिलने वालों में कई ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने महीनों पहले अपना फोन गुम होने के बाद उसके वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस द्वारा फोन सौंपे जाने के दौरान लोगों ने खुशी जताते हुए पुलिस टीम के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
एसएसपी ने कहा—मोबाइल में लोगों की पूरी डिजिटल दुनिया होती है
मोबाइल वितरण कार्यक्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आज मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं है। इसमें लोगों की बैंकिंग जानकारी, UPI, महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी तस्वीरें, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और कई व्यक्तिगत जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होना केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि निजी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति का गुम या चोरी हुआ मोबाइल अपने पास रखना अथवा उसका इस्तेमाल करना उचित नहीं है। यदि किसी नागरिक को रास्ते में कोई मोबाइल मिलता है तो उसे स्वयं उपयोग करने के बजाय तत्काल नजदीकी थाना अथवा साइबर थाना में जमा करना चाहिए।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की पहचान कर उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचा सकती है। वहीं, गुम या चोरी हुए मोबाइल का अनधिकृत उपयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
मोबाइल गुम होते ही नागरिक करें ये जरूरी काम
रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक और ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करें।
यदि मोबाइल में बैंकिंग, UPI, ई-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट जुड़े हैं तो संबंधित खातों की सुरक्षा के लिए पासवर्ड बदलने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की भी सलाह पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल गुम होने की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, उसे तकनीकी माध्यमों से ट्रेस और बरामद करने की संभावना उतनी ही बेहतर रहेगी।
साइबर टीम की मेहनत से मिली सफलता
मोबाइल रिकवरी अभियान में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने CEIR पोर्टल से प्राप्त तकनीकी जानकारी का लगातार विश्लेषण करते हुए अलग-अलग स्थानों पर उपयोग किए जा रहे मोबाइलों को ट्रेस किया।
इस अभियान में उपनिरीक्षक संजय नाग, सहायक उपनिरीक्षक नंदकुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक रेनू सिंह मांडवी, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह, रूपराम पटेल, करुणेश राय, बृजलाल गुर्जर, महिला आरक्षक मेनका चौहान, आरक्षक धनंजय कश्यप, महेश पंडा, प्रशांत पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, रविंद्र गुप्ता, मनोज पटनायक, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान, रोशन एक्का, गोविंद पटेल एवं गजेंद्र प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की तकनीक आधारित कार्रवाई से मजबूत हुआ भरोसा
रायगढ़ साइबर पुलिस द्वारा 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी केवल मोबाइल वापस दिलाने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह तकनीक आधारित पुलिसिंग और नागरिकों के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस का प्रयास है कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए गुम हुई संपत्ति को जल्द से जल्द ट्रेस किया जाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे उसके वास्तविक मालिक तक वापस पहुंचाया जाए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें, CEIR पोर्टल पर IMEI की जानकारी दर्ज करें और किसी दूसरे व्यक्ति का मिला हुआ मोबाइल इस्तेमाल करने के बजाय उसे पुलिस को सौंपें।

