‘अभियान संवेदना’ के तहत घरघोड़ा पुलिस की बड़ी सफलता — पॉक्सो मामले की न्यायिक प्रक्रिया को मिली नई गति
रायगढ़ :- 12 अगस्त 2026। नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाने और लंबे समय से लंबित मामलों में पीड़ितों की न्यायालयीन उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत घरघोड़ा पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में घरघोड़ा पुलिस की विशेष टीम ने लगभग चार वर्षों से लापता दुष्कर्म पीड़िता की तलाश पूरी कर उसे रायगढ़ से सकुशल बरामद किया। इसके बाद 11 अगस्त 2026 को पीड़िता को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।
पॉक्सो प्रकरण में पीड़िता के लापता होने से प्रभावित हो रही थी न्यायिक कार्यवाही
यह मामला विशेष न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय, घरघोड़ा के समक्ष विचाराधीन विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 से संबंधित है। थाना घरघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 232/2021 में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
प्रकरण में नाबालिग पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मामले का शीघ्र विचारण प्रारंभ किया गया था। न्यायालय में प्रकरण से जुड़े साक्षियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे थे। इसी दौरान वर्ष 2022 में पीड़िता के लापता होने की जानकारी सामने आई।
न्यायालय द्वारा पीड़िता की उपस्थिति के लिए लगातार समंस जारी किए जा रहे थे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाने के कारण प्रकरण की न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।
एसएसपी के निर्देश पर गठित की गई विशेष पुलिस टीम
पीड़िता की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने घरघोड़ा पुलिस को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने सबसे पहले पीड़िता के परिजनों, सहेलियों और रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ कर उसके संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।
रायगढ़ के साथ कई जिलों में चलाया गया सघन तलाश अभियान
पीड़िता की तलाश को चुनौतीपूर्ण मानते हुए पुलिस टीम ने केवल घरघोड़ा या रायगढ़ तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि अन्य जिलों में भी संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर लगातार पतासाजी की।
पुलिस टीम ने विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्री क्षेत्रों, कोयला खदान क्षेत्रों और स्लम इलाकों में भी तलाश अभियान चलाया। संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाना के साथ विभिन्न माध्यमों से लगातार सुराग तलाशे गए।
लगातार प्रयास, मेहनत और सूचनाओं के विश्लेषण के बाद आखिरकार पुलिस टीम को सफलता मिली।
10 अगस्त को रायगढ़ से बरामद हुई पीड़िता
लगभग चार वर्षों तक लापता रही पीड़िता को पुलिस टीम ने 10 अगस्त 2026 को रायगढ़ से बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए 11 अगस्त 2026 को उसकी माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।
पुलिस के इस प्रयास से लंबे समय से प्रभावित हो रही पॉक्सो प्रकरण की न्यायिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। पीड़िता की न्यायालयीन उपस्थिति से मामले के विचारण में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है और प्रकरण में दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई एवं सजा की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
चार साल बाद न्याय की प्रक्रिया से जुड़ी पीड़िता
लगभग चार वर्षों से लापता नाबालिग पीड़िता को खोजकर न्यायालय तक पहुंचाना रायगढ़ पुलिस की संवेदनशील और निरंतर कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण है। पुलिस का कहना है कि किसी पीड़ित के लंबे समय तक लापता रहने के बावजूद उसकी तलाश के प्रयास बंद नहीं किए जाते और न्यायिक प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाता है।
इन पुलिसकर्मियों की रही विशेष भूमिका
पीड़िता की पतासाजी और न्यायालय में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक क्रमांक 871 दिनेश सिदार, आरक्षक क्रमांक 415 प्रदीप तिग्गा एवं आरक्षक क्रमांक 646 हरीश पटेल की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीड़ित वर्षों से लापता हो, तब भी उसकी तलाश के प्रयास नहीं रुकेंगे। प्रत्येक पीड़ित को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
‘अभियान संवेदना’ के तहत चार वर्षों से लापता पीड़िता की बरामदगी और न्यायालय में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कराना रायगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता, निरंतर प्रयास और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

