सक्ती :- थाना बाराद्वार पुलिस ने सौतेली मां की हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ के दौरान घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। मामले में घटना में प्रयुक्त लकड़ी की बेड़ी भी पुलिस ने जब्त की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतिका कौशिल्या सिदार (55 वर्ष), पति कार्तिक राम सिदार, निवासी दुरपा, थाना बाराद्वार, जिला सक्ती की मौत के संबंध में थाना बाराद्वार में मर्ग क्रमांक 44/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच की जा रही थी। मर्ग पंचनामा, वारिसानों एवं गवाहों के कथनों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि 10 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:45 बजे आरोपी अनिल कुमार सिदार (38 वर्ष), निवासी दुरपा ने कौशिल्या सिदार पर लकड़ी की बेड़ी से हमला किया था।
पुलिस के मुताबिक, हमले में मृतिका को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृत्यु का कारण कठोर एवं वजनी वस्तु से बलपूर्वक प्रहार के कारण सिर में गंभीर चोट, शरीर की हड्डियों में फ्रैक्चर, अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव तथा शॉक के बाद श्वास एवं हृदयगति रुकना बताया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या का अपराध पाए जाने पर आरोपी अनिल कुमार सिदार के विरुद्ध अपराध क्रमांक 284/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पूछताछ में घटना स्वीकार करने का पुलिस का दावा
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर (भापुसे) के दिशा-निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल (रापुसे) और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में थाना बाराद्वार पुलिस टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई की।
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर पुलिस के अनुसार उसने अपने मेमोरेण्डम कथन में घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी द्वारा घटना में प्रयुक्त लकड़ी की बेड़ी पेश किए जाने पर पुलिस ने 12 अगस्त 2026 को गवाहों की मौजूदगी में विधिवत जब्ती पत्रक के माध्यम से उसे जब्त कर पुलिस कब्जे में लिया।
जांच के दौरान अपराध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी अनिल कुमार सिदार को 12 अगस्त 2026 को दोपहर 3:30 बजे विधिवत गिरफ्तार किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव, सहायक उप निरीक्षक एम.पी. मन्नेनवार और प्रधान आरक्षक देवनारायण चन्द्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस ने बताया कि मामले में विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

