खरसिया :- विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर नगर पालिका परिषद खरसिया द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से श्री लखीराम ऑडिटोरियम में एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management-SWM) 2026 के दिशा-निर्देशों, उद्देश्यों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में नगर के जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं, नगर पालिका अधिकारियों-कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही। इस अवसर पर स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा नागरिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

18 वार्डों में 56 मोहल्ला समितियों का गठन
नगर में स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 18 वार्डों में कुल 56 मोहल्ला समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के माध्यम से घर-घर स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, पर्यावरण संरक्षण तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
कार्यक्रम में बताया गया कि मोहल्ला समितियां नगर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के साथ-साथ नागरिकों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
चार प्रकार के डस्टबिन के उपयोग की दी गई जानकारी
सेमिनार के दौरान उपस्थित नागरिकों, SHG दीदियों एवं नगर पालिका कर्मचारियों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा चार प्रकार के डस्टबिनों के उपयोग एवं महत्व को समझाया गया—
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गीला कचरा (Wet Waste) – रसोई एवं जैविक अपशिष्ट के लिए।
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सूखा कचरा (Dry Waste) – प्लास्टिक, कागज, धातु एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए।
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सैनिटरी कचरा (Sanitary Waste) – उपयोग किए गए सैनिटरी उत्पादों के सुरक्षित निपटान हेतु।
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ई-वेस्ट (E-Waste) – पुराने मोबाइल, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे के लिए।
साथ ही स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण (Segregation at Source) एवं उसके वैज्ञानिक निपटान की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करे तो नगर की स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी और टिकाऊ बन सकती है।
पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने “खरसिया बनेगा नंबर 1” का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यह लक्ष्य तभी संभव है जब नगर का प्रत्येक नागरिक स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे घर-घर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखें, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने का प्रयास करें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव अपनाएं।
उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता, जन-सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही खरसिया को स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर एवं समृद्ध नगर बनाया जा सकता है।
स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, SHG समूहों की महिलाओं एवं नगर पालिका कर्मचारियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभी ने शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने, कचरा पृथक्करण को अपनाने तथा स्वच्छता को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की शपथ ली।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष कमल गर्ग , मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पार्षदगण, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह सेमिनार न केवल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना, बल्कि खरसिया को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श नगर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुआ।


