नवा रायपुर :- छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में 26 मार्च 2026 का दिन एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज हो गया। छत्तीसगढ़ शासन ने एक व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2012 बैच के तेजतर्रार अधिकारी रजत बंसल को सत्ता के केंद्र में ला खड़ा किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में उन्हें न केवल मुख्यमंत्री सचिवालय में अहम जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि जनसंपर्क, संवाद और खनिज जैसे रणनीतिक विभागों की कमान भी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में ‘स्ट्रैटेजिक एंट्री’
अब तक सुशासन एवं अभिसरण विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्यरत रहे बंसल को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थ किया गया है। यह पद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की “कोर टीम” में उनकी एंट्री को दर्शाती है—जहां फैसले बनते ही नहीं, बल्कि जमीन पर उतारे भी जाते हैं।
एक साथ कई ‘हाई-इम्पैक्ट’ विभागों की जिम्मेदारी
सरकार ने बंसल को सिर्फ एक पद तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें कई प्रभावशाली विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपकर एक तरह से मल्टी-डायमेंशनल रोल दिया है:
आयुक्त, जनसंपर्क
सरकार की छवि निर्माण, योजनाओं का प्रचार-प्रसार और पब्लिक नैरेटिव को दिशा देने की जिम्मेदारी।
CEO, संवाद
मीडिया मैनेजमेंट, सरकारी संदेशों का समन्वय और डिजिटल-जनसंचार की रणनीति।
संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म
खनिज संसाधनों के दोहन, नीति और राजस्व प्रबंधन का नियंत्रण।
प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम
राज्य के माइनिंग सेक्टर की व्यावसायिक गतिविधियों और निवेश को गति देने का दायित्व।
क्यों अहम है यह फैसला?
छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-समृद्ध राज्य में माइनिंग और जनसंपर्क दोनों ही सरकार के लिए बेहद संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र माने जाते हैं। एक ओर खनिज से राज्य की अर्थव्यवस्था जुड़ी है, वहीं दूसरी ओर जनसंपर्क से सरकार की छवि और राजनीतिक मजबूती तय होती है।
ऐसे में इन दोनों के साथ मुख्यमंत्री सचिवालय का समन्वय एक ही अधिकारी को सौंपना यह संकेत देता है कि सरकार अब फास्ट-ट्रैक गवर्नेंस मॉडल पर काम करना चाहती है—जहां निर्णय और उनका प्रचार-प्रसार एक ही चैन में हो।
‘पावर सेंटर’ के रूप में उभार
इस आदेश के बाद रजत बंसल को प्रशासनिक हलकों में एक उभरते हुए “पावर सेंटर” के रूप में देखा जा रहा है।
उनके पास अब:
नीति निर्माण (CM Secretariat)
जनमत प्रबंधन (Public Relations & Samvad)
आर्थिक संसाधन (Mining & Mineral Corporation)
—तीनों का सीधा नियंत्रण है।
यह संयोजन किसी भी अधिकारी को सिस्टम के सबसे प्रभावशाली पदों में ला खड़ा करता है।
सुशासन एजेंडा और आगामी रणनीति
सूत्रों के अनुसार, सरकार आने वाले समय में:
योजनाओं की ग्राउंड मॉनिटरिंग तेज करने
डिजिटल कम्युनिकेशन को मजबूत करने
और खनिज आधारित राजस्व को बढ़ाने
पर फोकस करने वाली है। इन तीनों क्षेत्रों में बंसल की भूमिका निर्णायक रहने की संभावना है।
आदेश की औपचारिकता
यह आदेश 26 मार्च 2026 को राज्यपाल के नाम से रजत कुमार (सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग) द्वारा जारी किया गया।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में यह बदलाव सिर्फ एक तबादला नहीं, बल्कि गवर्नेंस स्ट्रक्चर का री-डिजाइन माना जा रहा है।
रजत बंसल की नई भूमिका यह तय करेगी कि सरकार अपनी योजनाओं को कितनी तेजी और प्रभावशीलता से जनता तक पहुंचा पाती है।
आने वाले महीनों में उनकी कार्यशैली और फैसले यह संकेत देंगे कि यह “बड़ी प्रशासनिक सर्जरी” कितनी सफल साबित होती है।

