सक्ती :- ग्राम पंचायत टुंडरी में नशे के खिलाफ एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक अभियान देखने को मिल रहा है। समस्त ग्राम वासियो द्वारा एक दिन का अखंड दुर्गा पाठ कराते है ताकि गांव में सुधार हो और गांव के लोग नशा से दूर रहे। वहीं युवा सरपंच मुरलीधर साहू के नेतृत्व में जय माता महिला समूह और मां भगवती मानव कल्याण संगठन ने मिलकर गांव को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।

इस अभियान की खास बात यह है कि यह केवल भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि गली-गली और घर-घर जाकर जनजागरूकता फैलाई जा रही है। गांव के युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता एक-एक घर तक पहुंचकर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दे रहे हैं और लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

इस अवसर पर सरपंच मुरलीधर साहू ने कहा,
“नशा सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है। अगर हमें गांव को आगे बढ़ाना है, तो नशे को जड़ से खत्म करना होगा।”
जय माता महिला समूह की सदस्याओं ने भी अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि नशे के कारण परिवारों में बढ़ती समस्याओं को रोकना और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

वहीं मां भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक जीवन की ओर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कई ग्रामीणों ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया है और इस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं। टुंडरी ग्राम पंचायत की यह पहल अब आसपास के गांवों के लिए भी एक मिसाल बनती जा रही है।
यदि इसी तरह का जोश और एकजुटता बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब टुंडरी गांव पूरी तरह नशा-मुक्त गांव के रूप में पहचाना जाएगा। यह अभियान सच्चे सामाजिक परिवर्तन की मिसाल है, जहां पूरा गांव मिलकर अपने भविष्य को संवार रहा है।

