घरघोड़ा। बैहमुड़ा गांव के सरपंच नृपत सिंह राठिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपये के भ्रष्टाचार में संलिप्तता दिखाई। इसके बावजूद, स्थानीय प्रशासन द्वारा सरपंच पर कार्रवाई करने में असमर्थता दिखाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्राम पंचायत बैहमुड़ा के सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की गई, जिसमें उनकी संलिप्तता सिद्ध हो गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 4 लाख 13 हजार रुपये की वसूली के लिए आदेश जारी किया गया। सचिव और सहायक को गिरफ्तार किया गया, लेकिन सरपंच के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन, विशेषकर खाद्य विभाग के अधिकारी, सरपंच को बचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कलेक्टर रायगढ़ को शिकायत पत्र सौंपकर सरपंच के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है।
बैहमुड़ा के ग्रामीणों ने लंबे समय तक आंदोलन किया, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब ग्रामीणों ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी, तब जाकर कार्रवाई में कुछ गति आई। फिर भी, सरपंच नृपत सिंह पर कार्रवाई करने में प्रशासन की अनिच्छा ने सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भ्रष्टाचार सिद्ध हो चुका है, तो सरपंच पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्या किसी राजनीतिक कारण से उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है?
जब SDM रमेश कुमार मोर से इस संबंध में बात की, तो उन्होंने कहा, “कोई कुछ भी बोल सकता है।” उनकी इस प्रतिक्रिया से साफ होता है कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। खाद्य अधिकारी ने भी इसी तरह का बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि राशन दुकान का संचालन सचिव और रोजगार सहायक द्वारा किया जा रहा था।
सरपंच नृपत सिंह राठिया पर कई गंभीर आरोप हैं। उन्होंने अपने पुत्र को अवैध रूप से वन पट्टा दिलाया और अपनी पत्नी को भी जमीन की लीज दी। जांच रिपोर्ट में इन मामलों की पुष्टि हुई है, फिर भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बैहमुड़ा के इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक संरक्षण के चलते भ्रष्टाचार के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही? क्या सरकारी अधिकारी अपने कर्तव्यों से भाग रहे हैं? अब यह देखना होगा कि क्या कलेक्टर इस मामले में ठोस कार्रवाई करेंगे या फिर मामला यूं ही लटका रहेगा।
ग्रामीणों की आशा है कि प्रशासन जल्द ही उचित कदम उठाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा। प्रशासन की कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

