रायपुर 13 जुलाई 2024। मजबूत इरादे और भरपूर आत्मविश्वास से ग्रामीण महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना साकार हो रहा है। एक समय था जब मेरे लिए स्कूटी चलाना भी संभव नहीं था, घर के कामकाज तक ही सीमित थी, लेकिन मुझे ड्रोन चलाने के लिए चयन किया गया। यकीनन मेरे के लिए एक बड़ा अवसर था, मैं सोच नहीं पा रही थी कि ऐसा कोई काम कर पाउंगी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद अब मैं ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित हो गई हूं। यह कहना है आरंग के ग्राम गुल्लू की श्रीमती पुष्पा यादव का।
श्रीमती यादव कहती है कि गांवों के खेतों में फसलों के उपर ड्रोन चलाकर कीटनाशक का छिड़काव कर रही हूं। अप्रैल माह में 20 दिनों का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद श्रीमती यादव ने कार्य प्रारंभ कर लिया है। वह कहती है कि प्रति एकड़ कीटनाशक का छिड़काव करने पर 300 रूपए की आय होती है। विगत डेढ़ माह में ही 26 हजार रूपए आय अर्जित कर चुकी है। वे कहती है कि केंद्र सरकार की योजना एन.आर.एल.एम बिहान की सदस्य हूं। साथ ही महिला किसान हूं। खेती-बाड़ी कार्य कर अपना जीवन यापन कर रही हूं। बिहान योजना इफको के सहयोग से ड्रोन पायलेट का सफल प्रशिक्षण के बाद ग्रामीण किसानों को सेवा प्रदाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हूं। वे कहती है कि स्वयं की खेती, पशुपालन, नरेगा मैट, ड्रोन पायलेट का कार्य कर सालभर में 1 लाख 50 हजार रूपए से अधिक कमा रही हूं। श्रीमती यादव कहती है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए कारगर है और मेरे जैसी कई गरीब महिलाओं के लखपति दीदी बनने का सपना भी साकार हो रहा है।
पुष्पा के हौंसलों को मिली उड़ान, लखपति दीदी बनने का सपना हुआ साकार
