सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग, संकरी सड़कें और निर्माण कार्य बढ़ा रहे परेशानी; नवरात्रि से दीपावली तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की जरूरत
खरसिया :- 9 अक्टूबर 2026। खरसिया नगर में नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और खरीदार आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहरों से पहुंचते हैं। नगर की आकर्षक सजावट, दुर्गा पंडाल और धार्मिक आयोजनों को देखने के लिए उमड़ने वाली भीड़ के बीच ट्रैफिक व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। इस वर्ष भी त्योहारों के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।

हर वर्ष शांति समिति की बैठकों में नगर की यातायात व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और प्रशासन के बीच चर्चा होती है। सुझाव भी दिए जाते हैं और पुलिस प्रशासन द्वारा व्यवस्था को सुचारू रखने का भरोसा दिलाया जाता है। इसके बावजूद त्योहार के मुख्य दिनों में सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ जाम की स्थिति निर्मित होने की शिकायतें सामने आती हैं।

सड़क किनारे पार्किंग सबसे बड़ी समस्या
खरसिया में यातायात समस्या का एक प्रमुख कारण सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े किए जाने वाले निजी वाहन हैं। कई दुकानों के सामने वाहन लंबे समय तक खड़े रहने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और आवागमन प्रभावित होता है। त्योहारों के दौरान जब बाजार में भीड़ बढ़ती है, तब यही स्थिति जाम का रूप ले लेती है।

पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से सड़क किनारे वाहन नहीं खड़ा करने और निर्धारित स्थान पर पार्किंग करने की अपील की जाती है। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं होने से समस्या बनी रहती है। पर्याप्त बैरिकेडिंग और ट्रैफिक स्टाफ की कमी भी व्यवस्था के सामने चुनौती बनती है।
मुख्य मार्गों पर बढ़ता दबाव
नगर के कई प्रमुख मार्ग त्योहारों के दौरान विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। नया फाटक से सब्जी मंडी, पुराना फाटक और शराब दुकान क्षेत्र तक वाहनों का दबाव अधिक रहता है। रोजमर्रा की खरीदारी और जरूरी काम से आने-जाने वाले नागरिकों को भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह स्टेशन रोड से अग्रसेन चौक तक का मार्ग भी संकरा होने के कारण संवेदनशील है। इस क्षेत्र में पूजा सामग्री, मेडिकल, मिठाई सहित विभिन्न दुकानों के कारण लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। छोटे मार्ग पर बड़े वाहनों के प्रवेश और दुकानों का सामान सड़क की ओर निकल आने से यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पुत्री शाला रोड पर कपड़ा, मिठाई और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों के कारण त्योहारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ती है। वहीं पोस्ट ऑफिस रोड से काली मंदिर रोड तक भी यातायात दबाव की स्थिति बनने की संभावना रहती है।
दुकान के बाहर सामान रखने से भी घटती है सड़क की चौड़ाई
नगर की संकरी सड़कों पर कुछ दुकानदारों द्वारा दुकान की सीमा से बाहर नाली अथवा सड़क तक सामान रखने की वजह से भी आवागमन का स्थान कम हो जाता है। त्योहारों के दौरान जब पैदल यात्रियों और वाहनों की संख्या बढ़ती है, तब इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से ग्राहक अपने वाहन खड़े करने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। कई बार पार्किंग को लेकर विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। इसका सीधा असर आम नागरिकों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं पर पड़ सकता है।
ओवरब्रिज निर्माण के बीच अतिरिक्त सावधानी जरूरी
वर्तमान में गोपीराम गर्ग क्षेत्र से पुराना फाटक तक ओवरब्रिज निर्माण कार्य भी जारी है। निर्माण क्षेत्र के समीप उपलब्ध सीमित सड़क और खुली नाली को लेकर लोगों में सुरक्षा संबंधी चिंता है। यदि त्योहारों के दौरान इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ती है तो निर्माण क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा और यातायात नियंत्रण की आवश्यकता होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी कई स्थानों पर कठिन हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय कर वैकल्पिक मार्ग, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा संकेतकों की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए।
मुख्य सड़क की खराब हालत भी बढ़ा सकती है दुर्घटना का खतरा
रायगढ़ चौक बायपास से सब्जी मंडी चौक और नया फाटक की ओर जाने वाला मार्ग भारी वाहनों सहित बड़ी संख्या में वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। नाली निर्माण और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण मार्ग के कुछ हिस्सों में सड़क की स्थिति खराब होने की बात सामने आ रही है। त्योहारों में बढ़ने वाले यातायात के बीच खराब सड़क और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव दुर्घटना की आशंका को बढ़ा सकता है।
इमरजेंसी सेवाओं के लिए अलग कॉरिडोर की जरूरत
त्योहारों के दौरान सबसे गंभीर चिंता एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को लेकर रहती है। जाम में एंबुलेंस फंसने की स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है। इसी तरह गंभीर मरीजों को दोपहिया वाहन से अस्पताल ले जाने वाले परिजनों को भी भीड़ के बीच रास्ता बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नवरात्रि से ही सक्रिय हो ट्रैफिक व्यवस्था
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल त्योहार के मुख्य दिनों में पुलिस जवानों की तैनाती करने के बजाय नवरात्रि शुरू होने के साथ ही संवेदनशील चौक-चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सक्रिय कर दी जानी चाहिए। प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, पार्किंग के लिए अलग स्थान, नो-पार्किंग जोन, लगातार पेट्रोलिंग और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जरूरत है।
इसके साथ ही दुकानदारों और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जाना चाहिए। विशेष रूप से मुख्य बाजार क्षेत्रों में सड़क किनारे पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना जरूरी है।
त्योहार खुशी और उत्साह का अवसर हैं, लेकिन बेहतर यातायात व्यवस्था के बिना यही भीड़ आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में इस वर्ष प्रशासन, पुलिस, नगर प्रशासन, व्यापारियों और नागरिकों के समन्वय से ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिले और किसी भी आपात स्थिति में रास्ता बाधित न हो।

