पहली छमाही में 10,817 मिलियन यूनिट्स की पावर सेल्स, सालाना वृद्धि 32%; मीनाक्षी एनर्जी और झारसुगुड़ा प्लांट के बेहतर प्रदर्शन से मिली मजबूती
मुंबई :- 6 अक्टूबर 2026: भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी वेदांता पावर लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) और पहली छमाही (H1 FY27) के उत्पादन एवं परिचालन प्रदर्शन के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी ने दूसरी तिमाही में अपनी अब तक की सबसे अधिक 5,593 मिलियन यूनिट्स की पावर सेल्स दर्ज की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26 फीसदी अधिक है।
कंपनी का प्रदर्शन पहली छमाही में भी मजबूत रहा। H1 FY27 के दौरान वेदांता पावर ने कुल 10,817 मिलियन यूनिट्स की पावर सेल्स दर्ज की, जो सालाना आधार पर 32 फीसदी की वृद्धि को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार, उसके प्रमुख उत्पादन संयंत्रों में बेहतर उपलब्धता, परिचालन दक्षता और उत्पादन क्षमता के बेहतर इस्तेमाल ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मीनाक्षी एनर्जी के प्रदर्शन में तेज उछाल
वेदांता पावर के समग्र प्रदर्शन को मजबूत करने में मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड का योगदान महत्वपूर्ण रहा। वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में मीनाक्षी एनर्जी की पावर सेल्स 111 फीसदी सालाना बढ़कर 1,470 मिलियन यूनिट्स पर पहुंच गई।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी की पावर सेल्स 160 फीसदी बढ़कर 2,820 मिलियन यूनिट्स हो गई। यह वृद्धि मीनाक्षी एनर्जी की विस्तारित 1,000 मेगावॉट क्षमता के संचालन को दर्शाती है। नई क्षमता के प्रभावी संचालन से वेदांता पावर के कुल उत्पादन पोर्टफोलियो में मीनाक्षी एनर्जी का योगदान और मजबूत हुआ है।
कंपनी के अनुसार, क्षमता विस्तार के साथ-साथ परिचालन प्रदर्शन में सुधार ने इस व्यवसाय को वेदांता पावर की समग्र बिजली बिक्री वृद्धि के प्रमुख कारकों में शामिल किया है।
झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट में परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार
झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट ने भी वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। Q2 FY27 में प्लांट की पावर सेल्स 186 फीसदी सालाना बढ़कर 873 मिलियन यूनिट्स हो गई।
पहली छमाही में भी प्लांट ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा और H1 FY27 में पावर सेल्स 59 फीसदी बढ़कर 1,159 मिलियन यूनिट्स रही।
झारसुगुड़ा प्लांट के परिचालन प्रदर्शन में सबसे महत्वपूर्ण सुधार इसकी प्लांट अवेलेबिलिटी में देखने को मिला। दूसरी तिमाही में प्लांट का अवेलेबिलिटी फैक्टर पिछले वर्ष की समान अवधि के 43 फीसदी से बढ़कर 98 फीसदी हो गया। यह सुधार प्लांट की परिचालन विश्वसनीयता और उपलब्ध क्षमता के बेहतर इस्तेमाल को दर्शाता है।
तलवंडी साबो प्लांट ने बनाए रखा मजबूत परिचालन प्रदर्शन
वेदांता पावर के प्रमुख परिसंपत्तियों में शामिल तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट ने भी वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया।
दूसरी तिमाही में प्लांट की पावर सेल्स 6 फीसदी सालाना बढ़कर 2,945 मिलियन यूनिट्स रही। वहीं, पहली छमाही में पावर सेल्स 3 फीसदी बढ़कर 5,668 मिलियन यूनिट्स पहुंच गई।
H1 FY27 में तलवंडी साबो प्लांट ने 86 फीसदी की उपलब्धता दर्ज की, जो पंजाब राज्य सरकार के साथ हुए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत निर्धारित 80 फीसदी की मानक उपलब्धता से अधिक है।
यह प्रदर्शन प्लांट की निरंतर परिचालन स्थिरता और कंपनी के मौजूदा उत्पादन पोर्टफोलियो के प्रभावी इस्तेमाल को दर्शाता है।
बेहतर उपलब्धता और परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल से मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में वेदांता पावर की 10,817 मिलियन यूनिट्स की पावर सेल्स कंपनी के उत्पादन पोर्टफोलियो की मजबूती को रेखांकित करती है।
कंपनी के प्रमुख प्लांट्स में बेहतर उपलब्धता, विस्तारित क्षमता का संचालन और मौजूदा परिसंपत्तियों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल बिक्री में वृद्धि के प्रमुख आधार रहे। विशेष रूप से मीनाक्षी एनर्जी और झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट के प्रदर्शन में आए सुधार ने कंपनी की कुल बिजली बिक्री को नई गति दी।
बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने पर फोकस
भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वेदांता पावर अपने उत्पादन पोर्टफोलियो की परिचालन क्षमता और विश्वसनीयता को मजबूत करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही के प्रदर्शन से कंपनी ने न केवल अपनी मौजूदा उत्पादन परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल की क्षमता दिखाई है, बल्कि बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अपनी भूमिका को भी मजबूत किया है।
कंपनी का फोकस आगे भी विश्वसनीय, निरंतर और कुशल विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ अपने मौजूदा उत्पादन पोर्टफोलियो की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने पर बना रहेगा।

